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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों की स्थिति बद से बत्तर,लोगों में आक्रोश

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों की स्थिति बद से बत्तर,लोगों में आक्रोश
अपने कार्य के प्रति सजग नहीं है विभाग के अधिकारी

संजय सोनी

भानुप्रतापपुर, 18 नवंबर। क्षेत्र में बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क अपने बदहाली पर आँसू बहा रहा है। विभागीय लापरवाही एवं भ्रष्टाचार के चलते सरकार की महत्वकांक्षी योजना करोड़ों ख़र्च करने के बावजूद सार्थक नहीं हो पा रही है। पिछले वर्ष दुर्गुकोंदल ब्लाक के ग्राम  सराधुघमरे में ठेकेदार द्वारा पक्की सड़क बनाई गई की। निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई जिसके चलते कुछ माह में ही सड़क की स्थिति बद बत्तर बनी हुई है। 


विदित हो कि गांव को शहर से जोड़ने के उद्देश्य से ही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की शुरूवात की गई। यह केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इस योजना के माध्यम से खासकर पहुँचविहीन ग्रामो को पक्की सड़क के माध्यम से शहरों से जोड़ा जाना हैं,ताकि गांव एवं ग्रामीणों को विकास तेजी से हो सके। साथ ही पक्की सड़क निर्माण होने से शासन के हरेक महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर व अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। इस योजना के तहत कांकेर जिला के दर्जनों पहुंचवहींन ग्रामों में विभाग के द्वारा सड़के बनाये गये है। अंदरूनी क्षेत्र होने के कारण सड़क निर्माण कार्य में अधिकारी एवं ठेकेदारो द्वारा मानक स्तर को दरकिनार करते हुए केवल खानापूर्ति कर सड़क बनाई गई।यही वजह है कि सड़क निर्माण के कुछ माह में ही सड़के कई जगह से उखड़ने,धसने,दरारें व बहने की शिकायत आम हो गई है। पिछले अंक में अन्तागढ़ ब्लाक के सड़क बहने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। इसी क्रम में दुर्गुकोंदल ब्लाक के ग्रामों में बनाई गई कई सड़कों की स्थिति भी ऐसी बनी हुई है।


 क्या कहते है ग्रामीण राधे टोहलिया, संतोष कुमार,नंदकुमार गुरूवर, जेठुराम ठाकुर, जगदेव वड्डे,रमेश पोटाई, जयन्ती गुरूवर,सोनी बाई, फुलवत्ती कमेटी एवं  सामसाय ने बताया कि पिछले वर्ष ठेकेदार के द्वारा मुख्य मार्ग से गांव पहुंचने तक पक्की सड़क बनाने का काम शुरू किया गया। गांव में पक्की सड़क बनते देखकर हम लोगों को बहुत खुशी हुई थी चलो अब ऊबड़खाबड़ सड़को से निजात मिल जाएगी। पर कुछ माह बाद से ही कई जगह से सड़क उखड़ने, धसने एवं दरारे होने लगी है। सड़क बनाने के बाद न तो ठेकेदार और न ही विभाग के कर्मचारी दिखाई दे रहे है।

गुणवक्तताहीन सड़क निर्माण को लेकर कई बार ग्रामीण एवं ठेकेदार के बीच विवाद के स्थिति भी निर्मित हो चुकी है। ग्राम हिलचूर में ऐसा मामला भी सामने आया था। इसके बावजूद भी स्थिति में सुधार नहीं आ सका।

कार्य में गुणवक्ता की जवाबदेही विभाग की होती है। लेकिन अधिकारी भी अपने कार्य के प्रति सजग नहीं दिखाई दे रहे हैं।