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नवगीत परंपरा और विकास पर राष्ट्रीय वेबीनार 10 को

नवगीत परंपरा और विकास पर राष्ट्रीय वेबीनार 10 को

रायपुर, 9 अक्टूबर। हिंदी काव्य साहित्य में नवगीत विधा समाज की यथार्थ परिस्थितियों को देखने का, उसका निराकरण खोजने एवं मानवीय संभावनाओं को तलाशने का एक सशक्त माध्यम है।  जो पारंपरिक प्रतिमानों से हटकर कुछ नवीन छंदों के स्थापनाओं के साथ भी कहा जा सकता है।   छत्तीसगढ़ में गीने चुनें नवगीतकार हैं। नए रचनाकारों को नवगीत विधा से परिचित कराने के दृष्टिकोण से  हिंंदी साहित्य भारती छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई द्वारा 10 अक्टूबर को समय 4.30 से 6  बजे तक राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन गूगल मीट पर किया जाएगा ।


"नवगीत परंपरा और विकास " विषय पर आयोजित इस वेबीनार के मुख्य वक्ता मुकुंद कौशल गीतकार दुर्ग,और मनोज जैन नवगीतकार भोपाल होंगे । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ख्यातिनाम साहित्यकार  डॉ .नरेश मिश्र पूर्व प्रोफेसर  गोवा तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध भाषाविद  डॉ.चितरंजन कर रायपुर करेंगे । आधार वक्तव्य बलदाऊ राम साहू दुर्ग अध्यक्ष हिंंदी साहित्य भारती छ.ग.प्रदेश और कार्यक्रम संयोजन और संचालन  डॉ .सुनीता मिश्रा बिलासपुर महामंत्री हिंंदी साहित्य भारती छ.ग.प्रदेश के द्वारा संपन्न किया जाएगा ।