breaking news New

HDFC बैंक ने एकाउंट स्टेटमेंट के लिए 200 रूपये वसूले, ग्राहक ने बताया लूट

HDFC बैंक ने एकाउंट स्टेटमेंट के लिए 200 रूपये वसूले, ग्राहक ने बताया लूट

रायपुर. निजी बैंकों में अपने आपको सबसे अव्वल और विश्वसनीय बताने वाला एचडीएफसी बैंक ग्राहकों को मनमाने ढंग से लूटने पर उतर आया है. बैंक के ग्राहक और सोशल एक्टिविस्ट कल्पेश पटेल ने रायगढ़ शाखा द्वारा एकाउंट स्टेटमेंट देने के नाम पर 200 रूपये वसूलने की शिकायत हुई है. उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे बैंक की लूट करार दिया और उसकी शिकायत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक से कर दी है.

श्री पटेल ने इस संवाददाता को बैंक रसीद दिखाते हुए कहा कि अगर आपको 31 मार्च के बाद आयकर विवरणी में देने या एकाउंट का मिलान करने एकाउंट स्टेटमेंट चाहिए तो बैंक इसके बदले दो पेज का प्रिंट कम्प्यूटर से निकालने का शुल्क 200 रुपये वसूल रहा है, यह सरासर अन्याय है. श्री पटेल ने कहा कि मैंने इस पर आपत्ति जताई तो बैंक ने अपनी पॉलिसी मैटर बताया. उसके बाद कल्पेश पटेल ने एक टिवट करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री तथा आरबीआई से शिकायत करते हुए इस व्यवस्था को अन्याय बताया और खत्म करने की मांग की है.

  • सोशल एक्टिविस्ट कल्पेश पटेल ने टिवटर के माध्यम से पीएमओ और वित्त मंत्री तक की शिकायत
    बैंक के राज्य प्रमुख ने इसे कार्पोरेट का मामला बताकर पल्ला झाड़ा

    उन्होंने कहा कि यह तो उपभोक्ता को सर्विस देने से जुड़ा है. फिर आप आनलाइन चार्ज और प्रिंट में भी चार्ज कर रहे हैं तो आप उपभोक्ता को दोनों ओर से लूट रहे हैं. वाहन ऋण हो, निजी ऋण हो या मकान ऋण या अन्य कोई ऋण जो आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक से लेते हैं तब आपसे बैंक लोन देते समय कई तरह के सरचार्ज भी वसूलते हैं. लोन राशि की सुरक्षा के लिए बैंक एग्रीमेंट का स्टाम्प शुल्क, प्रोसेसिंग शुल्क, बीमा शुल्क, मोर्टगेज सम्पत्ति के सर्च, वैल्युशन शुल्क भी जिसको कर्जदार बना रहे उसको दिए लोन पर काट लेते है या लोन देने के पहले लेते हैं. इसके अलावा वर्ष में दो तीन बार जब मन आया, कुछ शुल्क भी मांग सकते हैं या खाते में डेबिट कर देते हैं!

    वैसे इस प्रकार की कई सेवाओं के लिए बैंक ग्राहकों की जेब काट रहे हैं. एक ग्राहक के अलावा देश में करोड़ों ग्राहक इसके शिकार हो रहे हैं और बैंक मुनाफा कमा रहे हैं. बीच में केंद्रीय वित्त मंत्री ने भी ऐसी लूट पर आपत्ति जताई थी लेकिन एचडीएफसी जैसे बैंक मनमाने तरीके से वसूली कर रहे हैं. वित्त मंत्रालय को इसे संज्ञान में लेना चाहिए. इस पूरे मामले में पर जब हमने बैंक के राज्य प्रमुख नीलेश मूले से स्पष्टीकरण लेना चाहा तो उन्होंने इसे कार्पोरेट का मामला बताते हुए पल्ला झाड़ लिया.