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उपसंभाग नगरी अंतर्गत कांटा कुर्रीडीह नहर निर्माण में धांधली

उपसंभाग नगरी अंतर्गत कांटा कुर्रीडीह नहर निर्माण में धांधली

महिला मजदूरों को दी जा रही 150 रूपये की रोजी

संजय जैन

धमतरी, 13 जनवरी। नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम कांटा कुर्रीडीह में जल संसाधन विभाग द्वारा नहर नाली एवं पुलिया का निर्माण किया जा रहा है जिसमें कार्यरत मजदूरों को मात्र 150 रूपये रोजी के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। उपसंभाग नगरी अंतर्गत निर्मित होने वाले इस कार्य की एजेंसी रायगढ़ का एक ठेकेदार है जिसके मैट द्वारा संपूर्ण कार्य संपादित किया जा रहा है जबकि नगरी उपसंभाग के अधिकारी अनुपस्थित रहते हैं। इनके जगह समयपाल द्वारा कार्य की सारी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं जिससे निर्माणाधीन कार्य के स्थायित्व को लेकर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। उक्त योजना करोड़ों रूपये की लागत से वन विभाग क्षेत्रांतर्गत किया जा रहा है। लेकिन एसडीओ श्री निर्मलकर तथा वन परिक्षेत्राधिकारी श्री अली ने बताया कि यह ईलाका राजस्व से संबंधित है। 


नगरी उपसंभाग के अधीन ग्राम कांटा कुर्रीडीह में निर्माणाधीन नहर एवं पुलिया इत्यादि का काम धड़ल्ले से जारी है। यहां कार्यरत महिला मजदूरों ने इस प्रतिनिधि से बताया कि हमें ठेकेदार द्वारा पिछले तीन सप्ताह से 150 रूपये रोजी के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है जबकि जिले में कार्यरत तमाम मजदूरों को कलेक्टर दर पर भुगतान किया जाना होता है। लेकिन उक्त ठेकेदार द्वारा मात्र 150 रूपये का भुगतान कर महिला मजदूरों के साथ उनका पारिश्रमिक भुगतान में शोषण किया जा रहा है जिसे लेकर महिला मजदूरों में आक्रोश देखा जा रहा है। स्थल पर अन्य लोगों ने बताया कि निर्माणाधीन कार्य में जो नाली का निर्माण किया जा रहा है उसमें एस्टीमेट के विपरीत सारी मटेरियल लगाये जा रहे हैं जिसके कारण निर्माण कार्य समयावधि से पहले क्षतिग्रस्त होने की संभावना ग्रामवासियों द्वारा जताई जा रही है। स्थल पर ट्रेक्टर चालक ने बताया कि उसे 250 रूपये रोजी दी जा रही है। जब यहां पूछा गया कि इंजीनियर आते हैं क्या? तो उन्होंने बताया कि वे नहीं आते, उनके स्थान पर समयपाल सारा कार्य संपादित करवा रहा है। खबर में यह भी बताया गया है कि रायगढ़ के ठेकेदार के नाम पर यहां पदस्थ इंजीनियर ही समूचे कार्य को करवा रहा है जिसमें इसकी पार्टनरशिप है। नाम ठेकेदार का है, लेकिन कार्य उक्त नगरी उपसंभाग में पदस्थ इंजीनियर का है। 

मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि नगरी उपसंभाग में पदस्थ उक्त इंजीनियर यहां अंगद के पांव की तरह जमा हुआ है। यह अपने आप को मंत्री का खासमखास कहकर लोगों को धमकाता है। पूर्ववर्ती सरकार में भी यह अपने को मंत्री का खास बताकर अपने खिलाफ चलने वाली तमाम जांच को दबवा दिया है। अब कांग्रेसी सरकार में भी सिंचाई मंत्री से काफी घनिष्ठता होना कह रहा है और यह भी कहता है कि मेरा कोई बाल बांका नहीं कर सकता। निर्माण कार्यों में हो रही घोर लापरवाही एवं भ्रष्टाचार को लेकर कांटा कुर्रीडीह, बाजार कुर्रीडीह आदि क्षेत्रों के लोगों ने इस कार्य की गुणवत्ता को लेकर क्वालिटी कंट्रोल से जांच कराये जाने की मांग की है। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि वन विभाग से घिरे इस राजस्व की भूमि पर जिस गति से निर्माण कार्य जारी है, इसमें चोरी की गिट्टी, मुरूम, रेत इत्यादि का भी उपयोग किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी ने यह भी बताया कि उक्त कार्य रायगढ़ के ठेकेदार के नाम पर चल रहा है परंतु उक्त ठेकेदार के नाम पर इंजीनियर ही इस कार्य को अंजाम दे रहा है। निर्माणाधीन कार्य में महिला मजदूरों के पारिश्रमिक भुगतान में शोषण के साथ साथ खनिज रॉयल्टी की चोरी भी धड़ल्ले से की जा रही है। वन विभाग के उपरोक्त अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र वन विभाग अंतर्गत नहीं आता है। पूरी जमीन राजस्व की है, इसलिये वन अमला इस कार्य में लगने वाली गिट्टी आदि की जांच नहीं कर सकता। अनेक ग्रामवासियों ने कलेक्टर रजत बंसल से मांग की है कि उक्त निर्माण में महिला मजदूरों के साथ मजदूरी भुगतान में की जा रही ज्यादती को संज्ञान लेकर संबंधित विभाग को उचित निर्देश देकर निर्धारित दर पर मजदूरी भुगतान कराते हुए निर्माण कार्यों की जांच के आदेश दें।