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आंध्र प्रदेश के मंदिरों में SC, ST, पिछड़ों और महिलाओं को मिलेगा आरक्षण

आंध्र प्रदेश के मंदिरों में SC, ST, पिछड़ों और महिलाओं को मिलेगा आरक्षण
हैदराबाद । आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के धर्मार्थ विभाग के तहत आने वाले मंदिरों में नियुक्ति के लिए आरक्षण का ऐलान किया है। इसके तहत मंदिरों के ट्रस्ट बोर्ड की 50 फीसदी सीटें पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा नॉमिनेशन से भरी जाने वाली सीटों में 50 पर्सेंट सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
आपको बता दें कि दक्षिण भारत में बहुत सारे मंदिर ऐसे हैं, जिन्हें बड़े-बड़े ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाता है। इनमें से कई मंदिर ऐसे भी हैं, जो राज्य सरकार के धर्मार्थ विभाग के अंतर्गत आते हैं। आरक्षण वाला यह नियम इन्हीं मंदिरों में लागू होगा। हर मंदिर के ट्रस्ट का एक बोर्ड होता है, जिसमें कई सारे सदस्य होते हैं। आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार ने आरक्षण वाला नियम इन्हीं मंदिरों के ट्रस्ट में नियुक्तियों को लेकर लागू किया है।
राज्य सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, धर्मार्थ विभाग के तहत आने वाले मंदिरों के ट्रस्ट में पिछड़ों और एससी-एसटी को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। बोर्ड में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने 50 पर्सेंट यानी आधी सीटें एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित कर दी हैं। इसके अलावा नॉमिनेशन से भरी जाने वाली सीटों में आधी सीटें यानी 50 पर्सेंट सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके अलावा तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड के सदस्यों की संख्या को 16 से बढ़ाकर 25 किए जाने के लिए भी अध्यादेश जारी किया गया है।