डॉ एम डी सिंह की बेटियों को समर्पित कविताः एक परी

डॉ एम डी सिंह की बेटियों को समर्पित कविताः एक परी


एक परी एक परी 

छोटी सी एक परी 


गेंदा गुलाब जूही 

वो फूलों की नर्सरी


सेब संतरा अमरुद

है फल भरी टोकरी


मां पिता की लाडली 

तो दद्दू की छोकरी


एक तितली चंचल सी

वो मिठाई रसभरी


मेवे की दुकान वह

किसमिस बादाम गरी


एक परी एक परी