पुस्तक और राशन के लिए छात्र-छात्राओं को स्कूल बुलाने के बजाय, सरकार होम डिलीवरी की दृष्टि से विचार करे : सवन्नी

पुस्तक और राशन के लिए छात्र-छात्राओं को स्कूल बुलाने के बजाय, सरकार होम डिलीवरी की दृष्टि से विचार करे : सवन्नी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता भूपेंद्र सिंह सवन्नी ने स्कूली छात्र-छात्राओं को अब लाउड स्पीकर से नहीं पढ़ाए जाने के प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसले को भाजपा के व्यावहारिक दृष्टिकोण व अनुभवों का सुपरिणाम बताया है। सवन्नी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के तेज़ी से हो रहे फैलाव के मद्देनज़र प्रदेश सरकार का स्कूली छात्र-छात्राओं को लाउड स्पीकर से पढ़ाए जाने का निर्णय एकदम अव्यावहारिक ही था। बाद में सरपंचों के साफ़ इंकार के बाद सरकार की यह योजना भी आकार लेने से पहले ही दम तोड़ गई। श्री सवन्नी ने कहा कि बिना सोचे-विचारे लागू करने पर योजनाओं का यही हश्र होता है।

 भाजपा प्रदेश प्रवक्ता  सवन्नी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा भाजपा के ध्यानाकर्षण के बाद यह फैसला वापस लेने प्रदेश कोरोना संक्रमण के ख़तरों से बचेगा। प्रदेश सरकार को भाजपा की व्यावहारिक समझ, सुस्पष्ट दृष्टिकोण और प्रशासनिक अनुभवों का लाभ बिना किसी दलगत संकीर्णता का परिचय दिए लेना चाहिए ताकि प्रदेश के विकास और जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर टकराव की स्थिति न बने। श्री सवन्नी ने लाउड स्पीकर से पढ़ाई का निर्णय वापस लेने के राज्य सरकार के ताज़ा फैसले का स्वागत करते हुए यह गुऱारिश भी की है कि राज्य सरकार स्कूलों के मामले में कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखकर जो भी फैसला ले, वह पूरे मन से ले और पूरी तरह ले। अब भी स्कूलों में पुस्तक और राशन वितरण के लिए छात्र-छात्राओं को हुज़ूम पहुँच रहा है। सरकार यह व्यवस्था बदलकर होम डिलीवरी की दृष्टि से विचार करे ताकि संक्रमण के ख़तरे को टाला जा सके। भाजपा प्रवक्ता श्री सवन्नी ने कहा कि स्कूल पहुँच रहे विद्यार्थियों में न तो मास्क पहनने को लेकर पर्याप्त गंभीरता दिख रही है और न ही इस दौरान शाला परिसरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता नज़र आ रहा है। इस पर भी प्रदेश सरकार संज़ीदगी के साथ गाइडलाइन का पालन भी कराए।