मैं लॉकडाउन का विरोधी, अब नहीं होगा-कलेक्टर

मैं लॉकडाउन का विरोधी, अब नहीं होगा-कलेक्टर

धमतरी, 30 सितंबर। लॉकडाउन का मैं पूरी तरह विरोधी हूं, इससे कोई फायदा नहीं है। वैश्विक महामारी कोरोना कोविड-19 का वैक्सीन वर्तमान समय तक तैयार नहीं हुआ है। लॉकडाउन करने से काला बाजारी, जमाखोरी का बोलबाला हो जाता है। आम लोगों को इससे काफी दिक्कतें होती हैं। छोटे लोगों को तकलीफें होती हैं। इसलिये आज से लॉकडाउन को समाप्त किया जाता है किंतु यह भी जिलेवासियों से अपील की जाती है कि वे वैक्सीन के तैयार होने तक आम आदमी को कोरोना से भयभीत नहीं होते हुए उससे लडऩे की क्षमता पैदा करनी चाहिये और इसका एकमात्र उपाय मास्क, सेनेटाइजर एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग ही है क्योंकि यह संक्रमण से बचने का यही का रास्ता है। नागरिक अपनी हिफाजत खुद करें। यह बात आज कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने पत्रकार वार्ता में कही।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री मौर्य ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिये ज्यादा ताकतवर अर्थात ट्रिपल लेयर मास्क या 95 मास्क से ही पूरी हिफाजत हो सकती है क्योंकि साधारण मास्क में किटाणुओं के प्रवेश करने की संभावना बनी रहती है। अगर ऊंचे कीमत के मास्क खरीदने की क्षमता न हो तो नागरिक कपड़े से अपनी हिफाजत कर सकते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के जिलों के संबंध में कहा कि यह महामारी राजनांदगांव, बिलासपुर, रायपुर में सिर्फ लापरवाही के चलते फैली है। इसलिये हमारे जिले में अभी उतना प्रभाव नहीं देखा गया है। इसीलिये सेनेटाइजर, मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग का लगातार उपयोग किया जाये। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक की जो संक्रमण से प्रभावित लोग हैं उनमें 0 से 10 वर्ष की उम्र के मृतकों की संख्या कोई नहीं है। 11 से 40 उम्र के दो लोगों की मौत संक्रमण से जबकि एक व्यक्ति कोमा में था, इसलिये ऐसे तीन लोगों की मौत कोरोना से हुई है। इसी तरह 41 से 60 वर्ष की उम्र के 19 लोगों की मौत हुई है। इस तरह जिले में 39 लोगों की जो मौते हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो 41 से 60 और 60 से ऊपर उम्र के लोग हैं, उन्हें संक्रमण का ज्यादा खतरा होता है। खासकर वो लोग जो बीपी, शुगर, अस्थमा आदि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे होते हैं। 

कलेक्टर श्री मौर्य ने पूर्व में किये गये लॉकडाउन के संबंध में कहा कि मैं बिल्कुल लॉकडाउन के पक्ष में नहीं था। लेकिन जनता की भावनाओं को मद्देनजर रखते हुए उपरोक्त निर्णय लिया गया था। लॉकडाउन करने के बाद भी इस संक्रमण से कोई भी शहर अछूता नहीं है। इसलिये लॉकडाउन लगाकर इससे बचा जा सकता है, यह धारणा बिल्कुल ही गलत है। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक किसी भी मरीज को कोरोना के बाद पुन: कोरोना होने की खबर प्रशासन के पास नहीं पहुंची है। लॉकडाउन के बाद जो भीड़भाड़ वाले ईलाके हैं, उस पर प्रशासनिक दृष्टिकोण से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की पूरी कोशिश की जायेगी। इसके लिये जिला प्रशासन की ओर उचित व्यवस्था की जायेगी। दुकान खुलने के बाद दुकानदार को चाहिये कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करावे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी व्यक्ति या दुकानदार कोरोना पॉजीटिव मरीज को छुपाकर रखता है और उसके बाद भी व्यवसाय करता है तो ऐसे लोगों के विरूद्ध अर्थदंड तथा दुकान भी सील किया जा सकता है। एंटीजन टेस्ट में यदि खासी, सर्दी, बुखार है तो ट्रूनॉट की अवश्य जांच करायें। ऐसे लोग ही आगे चलकर पॉजीटिव निकलते हैं। दुकानदारों के साथ साथ उन्होंने आम नागरिकों के साथ कहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर न बैठें। यदि ऐसा करते पाये गये तो उन पर अर्थदण्ड लगाया जायेगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डी के तुर्रे विशेष रूप से उपस्थित थे।