कांकेर में पत्रकार कमल शुक्ला पर गुंडों द्वारा हमले की निंदा - तिलक पांडे

कांकेर में पत्रकार कमल शुक्ला पर गुंडों द्वारा हमले की निंदा - तिलक पांडे

पत्रकारों पर किया गया हमला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला

कोण्डागांव । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य तिलक पांडे ने कहा कि कांकेर के वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला एवं अन्य पत्रकारों पर किया गया हमला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। इस पूरे घटना पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका बेहद ही शर्मनाक है. 

                 पूर्व भाजपा शासन काल में पत्रकारों पर जानलेवा हमले हुए और पत्रकारों की हत्या कर दी गई थी। पत्रकारों द्वारा लम्बे समय से राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग कर रहे थे, उस सघंर्ष मे भी कमल शुक्ला की अग्रणी भूमिका थी। कांग्रेस उस समय बड़ी बड़ी बातें की और कानून बनाने की बात कही जो आज तक नहीं बन पाया है। आज कांकेर की इस अमानवीय घटना ने कांग्रेस की मानवीय चेहरे को उजागर कर दिया।

              सीपीआई भूपेश बघेल की सरकार से मांग करती है कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाये। कमल शुक्ला एवं अन्य पत्रकारों पर जिन कांग्रेसी गुंडों ने हमला किया है उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाय और पत्रकारो की पूर्ण सुरक्षा की व्यवस्था किया जाये।