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हाथी का भय : जानमाल के भारी नुकसान के बाद अब किसान चिंतित हैं कि जिंदा कैसे रहा जाय?

हाथी का भय : जानमाल के भारी नुकसान के बाद अब किसान चिंतित हैं कि जिंदा कैसे रहा जाय?
बंजर की सफाई हो रही फिर भी हाथियों का दल कुकराडीह में अड़ा है

किसान लामबंद होकर राजधानी रायपुर की ओर अपने आंदोलन को रुख करने के मूड में 

 उत्तरा विदानी

महासमुन्द, 21 अक्टूबर। कल जोबा में करण तालाब, खरारिया तालाब के पास दो शासकीय हैंड पंप को तोड़ने के बाद हाथी आज कुकराडीह जंगल में ही हैं। जानमाल के भारी नुकसान के बाद अब किसान चिंतित हैं कि जिंदा कैसे रहा जाय? अत: वे लामबंद होकर राजधानी रायपुर की ओर अपने आंदोलन को रुख करने का प्लान तैयार कर रहे हैं। गौरतलब है कि लगभग 60 गांवों के रकबे को हाथियों से भारी नुकसान हुआ है। इस वक्त इन गावों का कोई भी किसान खेतों की ओर नहीं जा रहा है। स्कूली बच्चों को पालक स्कूल भेजने के लिए पाबंदी लगा रहे हैं। रात में घर से बाहर शौच आदि के लिए भी निकलने में ग्रामीणों को डर सता रहा है। महिलाएं नहाने तक के लिए तालाब जाने से कतराती हैं। बाड़ियां बंजर हैं। घरों में धान-चावल की पोटलियां खाली हैं। बाजार जाने के लिए रास्ते हाथियों ने बंद किया हु्आ है। हाल ही में इसी समस्या के निराकरण के लिए किसानों और कलेक्टर की बैठक हुई थी। कलेक्टर ने ग्रामीणों को सुरक्षित रखने का भरोसा भी दिलाया था। लेकिन हाथियों के सामने होने से ग्रामीणों को कुछ भी सूझ नहीं रहा है। 

गांवों में बैठकों का दूसरा दौर शुरू हो चुका है। प्रभावित क्षेत्र के किसान एवं ग्रामीणों की योजना है कि राजधानी रायपुर में हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के सदस्यों द्वारा आन्दोलन हो। इसके लिए प्रदेश भर के हाथी प्रभावित जिलों से सम्पर्क किया जा रहा है। किसान कह रहे हैं कि उन लोगों से सहमति मिलने पर एक साथ बैठकर रूपरेखा तैयार किया जायेगा। किसान मान चुके हैं कि वन अमला हाथी से निजात दिलाने में पूरी तरह से फैल हो चुका है। हाथियों की संख्या में वृद्धि के साथ नुक़सानी क्षेत्र में भी बढ़ोतरी हुई है। किसान जिसे देखते हुए हाथियों से मुक्ति दिलाने आवाज बुलंद कर आन्दोलन करेंगे। राधे लाल सिन्हा संयोजक, रमाकांत ध्रुव, मनराखन ठाकुर, योगेश ठाकुर, परदेशी राम बरिहा, मोहन चन्द्राकर, अमजद खान, मोहन सिन्हा, रूप सिंह नेताम, राधे श्याम ध्रुव इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और किसानों को महासमुन्द के कुछ जनप्रतिनिधियों का साथ भी मिल रहा है।  

मालूम हो कि रात ग्राम जोबा में हाथियों ने शासकीय हेण्ड पम्प को तोड़ा। करण तलाब में नहाने के बाद छिंद के कई पेड़ों को उखाड़ कर फेंका। निरंजन ध्रुव नामक किसान के भाई के घर को घेर लिया। इस परिवार के सभी 12 लोगों ने छत पर चढ़ कर जान बचाई। उसके बाद धरमदास महिलांग के खेतों को रौंदते हुए हाथी गढ़सिवनी पहुंचे और वहां भी धान के फ़सल को नुक़सान पहुंचाया। अभी हाथियों का दल कुकराडीह बंजर में हैं। जबकि यहां बंजर की सफाई का काम प्रारंभ है।