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बेरोजगारों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की वसूली

बेरोजगारों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की वसूली

नगरी/ धमतरी, 14 सितंबर। छत्तीसगढ़ प्रदेश का आदिवासी बाहुल्य ईलाका जहां विकास की बाट जोहते नागरिकों में ऐसे भी भोले-भाले युवक-युवतियां हैं जो रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हें। ऐसे भटकने वाले लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर तथाकथित अपने आप को एक जनप्रतिनिधि बताने वाले नेता एवं इसके कुछ गुर्गे, इनसे भारी राशि वसूल कर लिये हैं। ऐसे लोगों की नौकरी तो नहीं लगी, अलबत्ता यह मामला अब चर्चा का रूप धारण कर चुका है और ऐसे पीडि़त लोगों ने अब यह कहकर कि पानी सर से ऊंचा हो रहा है, पैसा वापसी की मांग शुरू कर दी है। संबंधित वसूलीकर्ताओं द्वारा राशि वापस नहीं लौटाये जाने की दशा में अतिशीघ्र पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराये जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। चर्चा तो यह भी है कि क्षेत्र में एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं अपने आप को निर्वाचित जनप्रतिनिधि का प्रतिनिधि बताकर गांव-गांव में ढिंढोरा पीटने वाले तथाकथित नेता ने भी नौकरी दिलाने के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों से लाखों रूपये महीनों से लेकर रखे हैं। लेकिन ऐसे लोगों को आज तक न तो नौकरी मिली और न ही उन्हें उनकी रकम वापस हुई। अब यह मामला क्षेत्र में तूल पकड़ता जा रहा है। जानकारी तो यह भी है कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के खिलाफ थाने में शिकायत भी की जा चुकी है।

सिहावा विधानसभा क्षेत्र में विकास के नाम पर लगातार जनप्रतिनिधियों ने लड़ाई जारी रखी है। लेकिन दूरदराज में रहने वाले ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके लिये निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा समय समय पर मंत्रियों से मांग भी की गई। लेकिन जिस हिसाब से यहां विकास कार्य होना चाहिये, वैसा नहीं हो पा रहा है। सिहावा विस क्षेत्र में ऐसे इलाके हैं, जहां सड़कें भी नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग है परंतु दवाईयों के अभाव में यह भी एक अपवाद बनकर रह चुका है। सड़कों, पुल-पुलिया की मांग को लेकर समय समय पर दूरदराज के ग्रामीण जनदर्शन में भी पहुंचते हैं। हालांकि जिला कलेक्टर रजत बंसल ने उक्त दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वहां के निवासियों से मुलाकात की है और समस्याओं के निराकरण को लेकर वे प्रयासरत भी हैं और ऐसी संभावना है कि कलेक्टर श्री बंसल के प्रयास से सिहावा विस क्षेत्र में अतिशीघ्र विकास कार्य प्रारंभ होगा। पूर्व वर्षों में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी तो उस समय के विधायक पर भी गाड़ी से नहीं उतरकर वाहन में बैठे-बैठे ही लोगों की समस्याओं को सुनकर समस्याग्रस्त व्यक्ति को टरका देते थे। इसी वजह से वहां की जनता ने भाजपा के प्रत्याशी को करारी हार का मुंह दिखाया। इसी के बीच अब नौकरी दिलाने के नाम पर अनेक लोगों से राशि लिये जाने की भी खबर प्राप्त हुई है।

विश्वसनीय सूत्रानुसार पता चला है कि सिहावा विस क्षेत्र में अनेक ऐसे बेरोजगार युवक-युवतियां रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। इसकी जानकारी लगने पर सिहावा विस क्षेत्र के अपने आप को जनप्रतिनिधि घोषित करने वाले द्वारा अपने गुर्गों के माध्यम से सैकड़ों लोगों से नोैकरी दिलाने के नाम पर राशियां ली गई हैं। कई माह गुजर गये, लेकिन ऐसे बेरोजगार युवक-युवतियों को पैसा लेने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही इनके पैसे वापस हुए। बारंबार पैसा वापसी की मांग को लेकर तथाकथित जनप्रतिनिधि एवं उनके गुर्गों से तकाजा किया गया। लेकिन नौकरी अतिशीघ्र लगने का झूठा आश्वासन देकर ऐसे लोगों को लोक-लुभावन सब्जबाग दिखाकर खामोश कर दिया गया परंतु अब इनके खामोशी का बांध छलकने के कगार पर है। इन्होंने उपरोक्त वसूलीकर्ताओं को स्पष्ट रूप से कह दिया कि यदि हमें नौकरी अतिशीघ्र नहीं मिलती है तो इस माह के अंत तक हमसे ली गई राशि वापस कर दें अन्यथा म्याद गुजर जाने के बाद वे सीधे इसकी शिकायत पुलिस विभाग को लिखित में करेंगे और जरूरत पड़ी तो धरना प्रदर्शन भी करेंगे। गौरतलब रहे कि सिहावा विस क्षेत्र के युवक-युवतियों द्वारा नौकरी की तलाश में लगातार विभिन्न विभागों में चक्कर लगाया गया। लेकिन भाजपा सरकार के समय चुनाव संकल्प पत्र 2003 जिसमें कहा गया था कि प्रत्येक आदिवासी परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जायेगी। उसका पालन नहीं हुआ। इसी कारण इस क्षेत्र के युवक-युवतियां जो आदिवासी समाज के सदस्य हैं, उनको भी नौकरी नहीं मिल पाई जिसका खामियाजा पूर्ववर्ती सरकार को उठाना पड़ा.