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PNB बनेगा देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक!

PNB बनेगा देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक!

सरकारी बैंक PNB  में OBC और युनाइटेड बैंक के मर्जर को PNB बोर्ड की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है. इस मर्जर के बाद पीएनबी देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा. आपको बता दें कि कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले हफ्ते ही सरकारी बैंकों के मर्जर के नए प्लान की घोषणा की है. एक साल के अंदर देश में मर्जर के बाद सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 पर आ गई है.


PNB में OBC और युनाइटेड बैंक के मर्जर से ग्राहकों पर होंगे सीधे तौर पर ये 6 असर...

(1) आपका खाता नंबर और इंटरनेट कस्टमर ID में हो सकता है बदलाव- PNB में अन्य दो बैंकों के मर्जर के बाद आपको एक नया खाता नंबर और कस्टमर ID मिल सकता है. इसीलिए आप हमेशा ध्यान रखें कि आपका ईमेल अड्रेस और मोबाइल नंबर बैंक के पास अपडेटेड जरूरी होना चाहिए.बैंक हमेशा आपके फोन नंबर और ई-मेल आईडी पर किसी बदलाव के बारे में तुरंत जानकारी भेजता है.

(2) आपको बदलनी होगी चेकबुक- मान लीजिए आपका खाता OBC या फिर युनाइटेड बैंक में है तो आपको अपनी चेकबुक बदलने के लिए तैयार हो जाना चाहिए. मौजूदा चेकबुक हालांकि कुछ समय के लिए मान्य रहेगा, लेकिन अंततः उन्हें उस बैंक के चेकबुक से बदलना पड़ता है, जिस बैंक में विलय हुआ है. PNB ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं होगा.

(3) आपको इन जगह पर कराने  होंगे बदलाव-जिन ग्राहकों को नए अकाउंट नंबर या IFSC कोड अलॉट किए जाएंगे. उन्हें इन सभी डीटेल्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, इंश्योरेंस कंपनियां, म्यूचुअल फंड और नैशनल पेंशन सिस्टम (NPS) इत्यादि जगह पर अपडेट कराना होगा.

(4) नई ECS, SIP के लिए उठाने होंगे कदम- मतलब साफ है कि मर्जर के बाद नए बैंक में कई बदलाव होंगे. ऐसे में आपको अपनी ECS में बदलाव करना होगा. इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क कर नए ECS निर्देश जारी करें. जरूरत होने पर आपको ECS से जुड़ा फॉर्म ऑनलाइन या अपनी ब्रांच के जरिए भरना होगा. ऑटो डेबिट या सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के लिए आपको नया SIP रजिस्ट्रेशन और इंस्ट्रक्शन फॉर्म भरना पड़ सकता है. ऐसा ही लोन की ईएमआई के लिए भी करना होगा.

(5) बदल सकता है आपकी ब्रांच का एड्रेस- मर्जर के बाद बनने वाला नया बैंक अपनी कुछ ब्रांच को बंद कर सकता है. क्योंकि उस बिल्डिंग या फिर आस-पास OBC और युनाइटेड बैंक की ब्रांच होगी तो उसे एक ही ब्रांच में शिफ्ट कर दिया जाएगा. ऐसे में बैंक के खर्चे बचेंगे. लिहाजा आपकी ब्रांच का एड्रस बदल सकता है. इसीलिए आपको नई ब्रांच के लिए लागू नए IFSC और MICR कोड का ध्यान रखें, क्योंकि आपको फंड ट्रांसफर और अन्य फाइनेशियल ट्रांजेक्शंस के लिए इसकी जरुरत होगी.

(6) डिपॉजिट, लेंडिंग रेट में बदलाव नहीं- बैंक की ओर से ऑफर किया जाने वाला फिक्स्ड डिपॉजिट रेट लागू होगा. हालांकि, मौजूदा फिक्स्ड डिपॉजिट पर मैच्योरिटी तक पहले से तय इंट्रेस्ट मिलेगा. इसी तरह लोन पर इंटरेस्ट रेट भी वास्तविक अग्रीमेंट के अनुसार जारी रहेगा. होम लोन के लिए मौजूदा इंट्रेस्ट रेट तब तक बरकरार रहेगा, जब तक नई एंटिटी इंट्रेस्ट रेट में बदलाव नहीं करती.

PNB ने मर्जर की जानकारी-शेयर बाजार को दी जानकारी के अनुसार गुरूवार को बैंक के निदेशक मंडल की बैठक में इस मर्जर को मंजूरी दी गयी थी. यह बैठक वित्त मंत्रालय द्वारा इन तीनों बैंकों से मर्जर प्रस्ताव पर चर्चा करने का निर्देश मिलने के बाद बुलायी गयी थी. भारतीय रिजर्व बैंक से परामर्श करने के बाद वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली वैकल्पिक व्यवस्था ने विलय पर आगे बढ़ने की अनुमति दे दी है.

18,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालने को भी मंजूरी-इसके अलावा पीएनबी के निदेशक मंडल ने तरजीही शेयर आवंटन करके सरकार द्वारा 18,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालने को भी मंजूरी दे दी है. शुक्रवार को सरकार ने पीएनबी में 16,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालने की घोषणा की थी. इस संबंध में बैंक के सभी शेयरधारकों की अनुमति के लिए 22 अक्टूबर को असाधारण आम बैठक बुलायी गयी है.