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जुआ एवं सटटे को लेकर पुलिस कर रही बड़ी कार्यवाही

जुआ एवं सटटे को लेकर पुलिस कर रही बड़ी कार्यवाही

भानुप्रतापपुर. जुआ एवं सटटा के खिलाफ कार्यवाही को लेकर इन दिनों पुलिस गंभीर नजर आ रही है। विगत कुछ महीनों में अब तक एक दर्जन अधिक  आरोतियों को पकड़ने मे सफलता पाई है। हालहि में डोमेश कुमार पांडे पिता दलपत पांडे उम्र 22 वर्ष, निवासी शाहकटटा, एवं रोशन दर्रो पिता भगत दर्रो उम्र 28 वर्ष निवासी बोगर के पास से नगदी सहित सटटा पटटी के साथ गिरफतार कर अपराध क्रमांक 184/19 एवं 187/19 धारा 4 जुआ एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

आगामी दीपावली त्यौहार होने के कारण पुलिस टीम के द्वारा क्षेत्र मे सघन निरीक्षण किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक के एल धु्रव एवं एसडीओपी अमोलक सिंह ढिल्लों के सतत मार्गदर्शन से ही पुलिस विभाग के द्वारा जुआ एवं सटटा को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। जो आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

विदित हो कि क्षेत्र में पुलिस के द्वारा लगातार सटटोंरियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए रोजाना एक से दो सटटोरियों को पकड़ कर जुआ एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है। हालकि के क्षेत्र मे देखा जाये तो सटटा का कारोबार वृहद पैमाने पर फैला हुआ है। नगर सहित अधिकांश गांवों मे एजेन्ट के द्वारा मोबाईल वाटशाप के द्वारा सटटा पटटी लिखने का काम किया जा रहा है। यदि देखा जाए तो प्रति गांव मे दो से तीन एजेन्ट सक्रिय रूप से घूम घूम कर सटटा पटटी लिखने के कार्य कर रही है। वही इन सटटोरियों के नेटवर्क भी काफी मजबूत है। यही कारण है कि पुलिस के पहुचने के पूर्व ही वहां से रफु चक्कर हो जाते है।

सटटोरियों के खिलाफ धरपकड़ अभियान के चलते सटटा के कारोबार मे कुछ कमी तो आई है,लेकिन आज भी अंदर ही अंदर सटटा पटटी लिखने का काम जारी है। जिनमे प्रमुख रूप से भानुप्रतापपुर सहित आस-पास के क्षेत्र मे सटटा का कारोबार जारी है। वही सूत्रों की माने तो कच्चे एवं दल्लीराजहरा के बीच के स्थान को सुरक्षित मानते हुए वहां पर लाखों के सटटा खिलाए जाने की बात सामने आ रही है। क्योकि यह स्थान कांकेर व बालोद जिला के सीमा क्षेत्र से लगे होने के कारण पुलिस विभाग भी कार्यवाही को लेकर असमंस्ज मे दिखाई दे रहे है।
  
गौरतलब हो कि सटटा के कारोबार के फंसकर लोग अपनी गाढ़ी कमाई लुटा रहे,वही युवा वर्ग भी इनके चुंगल मे आकर अपने भविष्य संवारने के बजाए उसे गवाने में लगे है। क्षेत्र मे चोरी एवं अपराधिक प्रकरण भी बढ़ रहे है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन प्रशासन को सटटा एवं सटटोरियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।