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सरकार के स्थायी रहने की गारंटी नही पर इन खाद्य अधिकारियों की है!

सरकार के स्थायी रहने की गारंटी नही पर इन खाद्य अधिकारियों की है!
  • धमतरी जिले के दो खाद्य अधिकारी सालों से यहीं पदस्थ हैं
    स्थानांतरण होते ही फिर वापस आ जाते हैं!

धमतरी. लगभग 20 वर्ष पूर्व कसडोल से धमतरी स्थानांतरित होकर आये खाद्य निरीक्षक बसंत कोरम लगभग आठ माह बाद गरियाबंद से पुन: धमतरी जिला पहुंच चुके हैं। इनका शासन के आदेशानुसार गरियाबंद स्थानांतरण हुआ था किंतु उन्होंने फिर से धमतरी में अपनी वापसी की है जिसे लेकर शहर में अनेक लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की कि प्रदेश में चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की, इस अधिकारी की राजनीतिक पहुंच इतनी तगड़ी है कि वे जैसा चाहें वैसा आदेश इनके पक्ष में आ जाता है।

हालांकि धमतरी जिला में शासन के आदेशानुसार इनके तबादले के पश्चात सहायक खाद्य अधिकारी संतोष दुबे प्रभारी खाद्य अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। लेकिन पूर्व पदस्थ रहे बसंत कोरम की पुन: वापसी पर अब जिले में दो खाद्य अधिकारी नियुक्त हो गये हैं अविभाजित मध्यप्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के पूर्व अपर सचिव एम के राऊत के आदेशानुसार वर्ष 1999 में श्री कोरम का तबादला कसडोल से धमतरी किया गया। इस आदेश में अन्य खाद्य निरीक्षकों की भी सूची शामिल है। इस समय से खाद्य निरीक्षक के रूप में श्री कोरम कार्यरत रहे। इसके बाद इन्होंने धमतरी से कुछ महीनों के लिये दो बार धमतरी जिला को छोड़ा है। लेकिन फिर 8-9 महीने के बाद इनकी वापसी धमतरी हो जाती है।

जैसा कि पूर्व में आदेश हुआ है। छग खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण द्वारा 20 जून 2007 को सहायक संचालक/खाद्य अधिकारी के पद पर चार अधिकारी की स्थानांतरण सूची जारी की गई थी जिसमें बसंत कुमार कोरम को वर्तमान धमतरी पदस्थापना के पश्चात नवीन पदस्थापना धमतरी में ही खाद्य अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया। इसके पश्चात 28 जून 2010 को खाद्य अधिकारी एवं खाद्य निरीक्षक को प्रशसकीय आधार पर स्थानांतरित करते हुए अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यंत उनके नाम के सम्मुख अंकित कॉलम नंबर चार में उल्लेखित किये गये स्थान पर पदस्थ किये जाने का आदेश उपसचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम छग शासन द्वारा किया गया है जिसमें बसंत कुमार कोर्राम खाद्य अधिकारी धमतरी से कांकेर और प्रदीप रिछारिया प्रभारी खाद्य अधिकारी महासमुंद को धमतरी जिला स्थानांतरित किया गया है। यह आदेश मंत्री के अनुमोदन अनुसार किया गया है।
   
छग शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के सचिव प्रदीप पंत द्वारा निकाले गये दो खाद्य अधिकारी के स्थानांतरण में बसंत कुमार कोरम खाद्य अधिकारी कांकेर को धमतरी स्थानांतरित किया गया। यह स्थानांतरण प्रशासनिक स्तर पर हुआ है। इस प्रकार बसंत कोर्राम कुछ महीना कांकेर में रहने के बाद फिर से धमतरी स्थानांतरित होकर आ गये और वे कार्यरत रहे। उपरोक्त तिथियों के समय में प्रदेश में भाजपा की सरकार स्थापित थी। इस अवधि में लगातार उक्त खाद्य अधिकारी यहां कार्यरत रहे। इस प्रकार लगातार स्थानांतरण को लेकर अधिकारी, कर्मचारियों से लेकर जागरूक नागरिकों में भी चर्चा बलवती है कि भाजपा सरकार रहे या कांग्रेस की सरकार, इस अधिकारी का कोई सानी नहीं है क्योंकि प्रदेश में किसी की भी सरकार रहे, ऐसे अधिकारी की पकड़ के चलते लगातार उनका स्थानांतरण जैसा चाहे वैसा किया जाता रहा है जिसका प्रमाण उपरोक्त स्थानांतरण तिथियों से दिया जा सकता है।

पिछले चुनाव में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, उनका स्थानांतरण धमतरी से गरियाबंद जिला किया गया था। लेकिन जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार स्थापित हुई, उनके द्वारा गरियाबंद से धमतरी स्थानांतरण को लेकर प्रयास किया गया जिसमें उन्हें सफलता मिली और वे लगभग 8 माह बाद धमतरी जिला में फिर आने में सफल हो गये। बताया जाता है कि वर्ष 1999 से लेकर बीच में कुछ माह छोड़कर अधिकांश समय धमतरी जिले में खाद्य निरीक्षक से लेकर खाद्य अधिकारी तक का सफर इन्होंने तय किया है। खबर तो यह भी है कि इन्हें खाद्य नियंत्रक के रूप में पदोन्नति भी दी गई थी। लेकिन इन्होंने उक्त पदोन्नति को नहीं लिया और खाद्य अधिकारी के पद पर गरियाबंद जिले का प्रभार ग्रहण किया। 8 माह बाद आये इस अधिकारी ने अपनी आमद धमतरी जिले के लिये दे दी है। लेकिन पदभार ग्रहण नहीं किया है। जिसका कारण यह है कि वर्तमान समय में शासन के आदेशानुसार सहायक खाद्य अधिकारी संतोष दुबे प्रभारी खाद्य अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं।

जबकि श्री कोरम भी धमतरी जिले के खाद्य अधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण करने के लिये पहुंच चुके हैं और धमतरी जिले में वर्तमान समय में दो खाद्य अधिकारी उपलब्ध हैं। अब देखना है कि शासन के आदेशानुसार प्रभारी खाद्य अधिकारी अपने पद पर बने रहेंगे, या फिर अपनी नई पारी की शुरूवात करने श्री कोरम को वे प्रभार देंगे। जहां तक ऐसी संभावना है कि शासन के आदेशानुसार ही श्री दुबे पदभार संभाले हैं और शासन के आदेश पर ही अपना निर्णय लेंगे। उपरोक्त घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि क्या खाद्य नियंत्रक के पदोन्नति पर श्री कोरम को पदस्थ किया जायेगा अथवा खाद्य अधिकारी के, यह तो समय बतायेगा, परंतु भाजपा और कांग्रेस शासनकाल में उनके धड़ाधड़ स्थानांतरण को लेकर न सिर्फ शासकीय अधिकारी, कर्मचारियों में बल्कि जागरूक नागरिकों में भी इस बात की चर्चा है।