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जल बचाओ की श्रृंखला बनाकर, स्कूली बच्चो ने दिया जल संरक्षण का संदेश

जल बचाओ की श्रृंखला बनाकर, स्कूली बच्चो ने दिया जल संरक्षण का संदेश

आरंग गुरुवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में शिक्षकों के निर्देशन में स्कूली बच्चों ने प्रार्थना सभा में ही जल बचाओ की मानव श्रृंखला बनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया। वहीं बच्चे  जल संरक्षण पर निबंध व चित्रकारी कर जल संरक्षण पर जल है तो कल है। जागरूकता नारे भी लगाए। इस अवसर पर शिक्षको ने कहा हम समस्या बढ़ने के बाद ही समाधान  करने का प्रयास करते हैं।बेहतर होगा कि समस्या आने से पूर्व ही हम समाधान पर कार्य करें तो किसी भी समस्या से हमे जूझना नहीं पड़ेगा। जल संकट आज पूरे विश्व की समस्या बन गई है, जल संकट पूरे देश के प्रायः हर प्रदेश व छोटे बडे शहरो गांवो में देखने सुनने को मिलता है।


यहां तक देश की राजधानी दिल्ली में भी पीने योग्य पानी की अभी से ही विकट समस्या बनी हुई है।संपूर्ण पृथ्वी में 71% भाग में जल और 29% भाग में थल होने के बाद भी महज दो से ढाई प्रतिशत जल ही पीने योग्य है।शेष पानी खारा व पीने योग्य नही है।आज बढते जल संकट से लोग पानी खरीद खरीद कर पीने को मजबूर होते जा रहे हैं। इसलिए आज जल की बचत व सदुपयोग हमारे देश की ही नही बल्कि पूरे विश्व के लिए अत्यधिक आवश्यक है।कहा जाता हैं कि अगर तीसरा विश्वयुद्ध हुआ तो वह जल के लिए ही होगा। इसलिए जल का संरक्षण व उसके सदुपयोग पर लोगों में अभी से ही अच्छी आदत  बनाकर बहुत हद तक जल को बचाया जा सकता है। वहीं स्कूली बच्चों में बचपन से ही जल का महत्व व उसके सदुपयोग व संरक्षण की आदत डाल दी जाए तो भविष्य में बहुत हद तक जल संकट से मुक्ति पाया जा सकता है।

इस प्रकार विद्यार्थी जीवन से ही जल के महत्व को जानने समझने लगेंगे जिससे जल का दुरुपयोग भी नहीं करेंगे। इसके लिए बच्चों में बचपन से ही जल बचत संबंधी अच्छी आदत सीखाना होगा। इस अवसर पर संस्था प्रमुख के. के परमाल, वरिष्ठ शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल,अशोक कुमार चंद्राकर ,सूर्यकांत चंद्राकर, दीनदयाल धीवर सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।