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Big Breaking - शिक्षाकर्मियों व शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होने नहीं दिया जायेगा: CM Bhupesh

Big Breaking - शिक्षाकर्मियों व शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होने नहीं दिया जायेगा:  CM Bhupesh


संविलियन व शिक्षक नियुक्ति पर सीएम का बड़ा बयान 

रायपुर। शिक्षाकर्मियों के संविलियन और 15 हजार शिक्षकों के नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का अब तक सबसे बड़ा बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षाकर्मियों और युवाओं को आश्वस्त किया है कि शिक्षकों की ज्वाइनिंग और शिक्षाकर्मियों के संविलियन में विलंब जरूर हो रहा है, लेकिन उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जायेगा। मुख्यमंत्री आज कोरोना संकट के तीन महीने के बाद पहली दफा आज कांग्रेस भवन पहुंचे थे। कांग्रेस जिलाध्यक्षों की बड़ी बैठक लेने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश में चल रहे चिरप्रतिक्षित मुद्दों को लेकर खुलकर अपनी बातें कही। मुख्यमंत्री ने इशारा कर दिया है कि जैसे ही वित्तीय स्थिति बेहतर होगी या फिर स्कूल खुलने शुरू जायेंगे संविलियन और नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो जायेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन और 15 हजार शिक्षकों की ज्वाइनिंग को लेकर पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि हमने मार्च में इसलिए आदेश जारी किया था, क्योंकि उस वक्त एक पैसे की भी हमारे पास राजस्व की वसूली नहीं हुई थी। सिर्फ शिक्षाकर्मियों के संविलियन और शिक्षकों के ज्वाइनिंग से ही तो काम नहीं हो जाता, उनके लिए वेतन की भी व्यवस्था करनी होती, इसलिए हमने उसे रोका था। जैसे-जैसे हमारी वित्तीय स्थिति बेहतर होती जायेगी, हम उन कामों को आगे बढ़ाते जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति में रोक और वित्तीय स्थिति को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि हमने इन्ही सब कारणों से केंद्र सरकार से 30 हजार करोड़ रुपये मांगे थे, ताकि सभी काम किये जा सके, हमने जब संविलियन की घोषणा और शिक्षकों की नियुक्ति का ऐलान किया था। उस वक्त हमें ये थोड़े ना मालूम था कि कोरोना आ जायेगा। अगर कोरोना नहीं आता तो सभी तक हमारे स्कूल खुल जाते, शिक्षकों की बहाली भी हो जाती और शिक्षाकर्मियों का संविलियन भी हो जाता, लेकिन स्थिति ऐसी बन गयी कि हमें उसे रोकना पड़ा है।

हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संविलियन का इंतजार कर रहे शिक्षाकर्मियों और नियुक्ति की बाट जोह रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय स्थिति के लिहाज से नियुक्तियों को रोका गया है, लेकिन इसका मतलब ये है कि जैसे-जैसे स्थिति बेहतर होती जायेगी, नियुक्तियां और संविलियन का काम शुरू हो जाये। मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी युवाओं और शिक्षाकर्मियों के साथ अन्याय होने नहीं दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान केंद्र सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर दी, 6 राज्यों ने भी अपने कर्मचारियों का वेतन 30 प्रतिशत तक घटा दिया, रेलवे और अन्य विभागों की नियुक्ति रद्द कर दी गयी, लेकिन हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया। यहां तक कि हमने अपने कर्मचारियों को भी पूरा वेतन दिया। केंद्र सरकार सिर्फ पेट्रोल-डीजल की कीमतों को बढ़ाती रही, जबकि छत्तीसगढ़ में आज भी कई राज्यों से कम कीमत पेट्रोल-डीजल की है।