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Follow-up : आरोपी IFS अधिकारियों का बयान, 'फारेस्ट रेंजर ने नियमानुसार ज्वाइनिंग नही दी'

Follow-up : आरोपी IFS अधिकारियों का बयान, 'फारेस्ट रेंजर ने नियमानुसार ज्वाइनिंग नही दी'
  • डीएफओ गुरूनाथन, प्रशिक्षु आइएफएस आयुष जैन तथा आइएफएस अनिल सोनी ने दी सफाई

    कहा, 'कोर्ट का फैसले की कापी दिखा देते तो मामला आगे नही बढ़ता


    सक्ती. तीन डीएफओ और एक फारेस्ट रेंजर एम आर साहू के बीच हुए विवाद ने आज वन विभाग में खलबली मचाए रखी. पीड़ित फारेस्ट रेंजर एम आर साहू का राजधानी के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. उनकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि तीनों आइएफएस अधिकारी डीएफओ गुरूनाथन, प्रशिक्षु आइएफएस आयुष जैन तथा आइएफएस अनिल सोनी कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए मेरे पति को प्रताड़ित कर रहे हैं. दूसरी ओर तीनों अधिकारियों ने इस आरोप को निराधार बताते हुए कहा है कि फारेस्ट रेंजर ने ज्वाइनिंग देने की प्रक्रिया का पालन नियमपूर्वक नही किया और ना ही उसने कोर्ट के आदेश की कापी विभाग में जमा कराई है. ऐसे में उसे डयूटी करने का अधिकार कैसे मिल गया.

    इधर मामले की गूंज आज राजपत्रित अधिकारी—कर्मचारी संगठन में भी सुनाई दी. एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल वर्मा ने कहा कि हम मामले के सभी पहलुओं को देख—सुन रहे हैं. पीड़ित कर्मचारी को पूरी मदद दिलाई जाएगी. खबर है कि एक प्रतिनिधिमण्डल वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी से मिलकर उन्हें मामले से अवगत कराएगा. इस संबंध में रॉय जानने के लिए जब चतुर्वेदी को फोन लगाया गया तो कोई रिप्लाय नही मिला.

    जानते चलें कि दो दिन पूर्व फारेस्ट रेंजर एम आर साहू ने आरोप लगाया था कि डीएफओ प्रशिक्षु आइएफएस आयुष जैन तथा आइएफएस अनिल सोनी की प्रताडऩा से तंग आकर उसे हार्ट अटैक आ गया जिसे गंभीर हालत में रायपुर रिफर किया गया है. दरअसल फारेस्ट रेंजर एमआर साहू का सुकमा ट्रांसफर कर दिया गया था। स्थानांतरण नियम विरूद्ध होने से व्यथित होकर एम.आर.साहू ने उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ में याचिका लगाई थी जहां उसके पक्ष में आदेश पारित होते ही सक्ती से सुकमा का संशोधन आदेश स्थगित कर दिया गया था.

    स्थगन आदेश होने के बाद भी प्रशिक्षु आइएफएस आयुष जैन ने प्रभार नहीं दिया तथा करतला का प्रभार एकतरफा ग्रहण किया साथ ही अधिकारी सहित थाना प्रभारी करतला को सूचना भेजी गई। इसके बाद जब एम.आर.साहू अपना कार्य कर रहे थे तभी आयुष जैन के द्वारा अपने मोबाइल से फोटो खींचते हुए वन परिक्षेत्राधिकारी के साथ दुरव्यवहार किया गया।

    आइएफएस आयुष जैन पर आरोप है कि उन्होंने साहू के विरूद्ध अपने उच्चाधिकारियों के पास झूठी शिकायत की तथा उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश तथा छत्तीसगढ़ शासन वन विभाग के आदेश का उनके द्वारा उल्लघंन कर आईएफएस अधिकारी का रौब दिखाने की शिकायत पीड़ित कर्मचारी ने की है. बाद में अपने एक शिकायत पत्र में एम.आर.साहू ने उच्चाधिकारी को बताते हुए कहा कि आयुष जैन ने अपने स्वयं के मोबाईल से कोरबा वन मंडलाधिकारी गुरूनाथन से बात कराई जिस पर एम.आर.साहू को गुरूनाथन द्वारा दबावपूर्वक कहा गया कि कोर्ट का आदेश कुछ नहीं होता और तुम प्रभार नहीं ले सकते. आयुष जैन का प्रशिक्षण चल रहा है इसलिए अभी ज्वाइन मत करो. इस पर एम.आर. साहू ने इंकार करते हुए कोर्ट के आदेशाुनसार डयूटी निभाने की बात कही.

    श्री साहू ने बताया कि वन संरक्षक प्रभारी, आइएफएस अनिल सोनी ने कल सुबह 11.00 बजे एम.आर. साहू के मोबाइल नंबर 9424237028 में धमकी देते हुए मुझे उच्च न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या बताते हुए अनाधिकृत रूप से दबावपूर्वक कहा गया।  उन्होने कहा कि डीएफओ गुरूनाथन, प्रशिक्षु आइएफएस आयुष जैन तथा आइएफएस अनिल सोनी तीनों मिलकर मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं. उन्होंने मुझे करतला रेंज से बेदखल करवाने की धमकी दी है जिसकी शिकायत मुख्य सचिव वन विभाग सहित अपने उच्चाधिकारियों को की गई.

    दूसरी ओर अधिकारियों के प्रताडि़त करने से एम.आर.साहू की अचानक स्थिति बिगड़ गई और वह बेहोशी की हालत में घर में गिर गये जिसे सुबह लगभग 11.00 बजे के आसपास सक्ती वन परिक्षेत्र के कर्मचारी व उनकी पत्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाए जहां डॉक्टरों  द्वारा इलाज किया गया परंतु स्थिति सुधर नहीं पायी और उन्हें तत्काल रायपुर के लिए रिफर किया गया है। फिलहाल साहू की हालत स्थिर है परंतु उनकी पत्नी ने इस मामले को उच्चाधिकारियों तक उठाने का फैसला किया है.