कोरोना श्रृंखला में सुप्रसिद्ध कवि ध्रुव शुक्ल की कविताः ईट फाइव स्टार, डू नथिंग

कोरोना श्रृंखला में सुप्रसिद्ध कवि ध्रुव शुक्ल की कविताः ईट फाइव स्टार, डू नथिंग


उस बड़े शहर में बेंच एक फुटपाथ की

जिस पर आ कर बैठी है बूढ़ी अम्मा

वहीं पास खम्बे से टिक कर खड़ा हुआ

लड़का चबा रहा है कोई चाकलेट


गिर जाती है छड़ी फिसल कर अम्मा की

बेटा! उसे उठा कर दे दो ... वह कहती

वह छड़ी उठाता नहीं चबाता चाकलेट

अम्मा ही उठती अपनी छड़ी उठाने को


उसी समय छज्जा गिरता है बेंच पर

जान बची अम्मा की, देती धन्यवाद

बेटा ! तुमने मदद नहीं की, ठीक हुआ

मोस्ट वेलकम माँ जी....कहता लड़का


चाकलेट जो बेच रहे वे कहते हैं ....

खाओ फाइव स्टार और कुछ करो नहीं

भूल मदद का मूल्य बेपरवाह रहो

चाकलेट चबाओ, अपनी जीभ बचाओ