पोषण के कोरोना वारियर्स जिनके सामने प्रकृति भी नतमस्तक है

पोषण के कोरोना वारियर्स जिनके सामने प्रकृति भी नतमस्तक है

अनोखे अंदाज में हो रहा पोषण माह में स्वस्थ रहने का प्रचार

विद्याभूषण दुबे 

7 सितंबर से 7 अक्टूबर तक महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा पोषण माह के तौर पर मनाया जा रहा है। पहले कोरोना और अब लाकडाउन के कारण इन दिनों आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं परंतु जहां चाह वहां राह कहावत को पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , किशोरी बालिका चरितार्थ कर रहें हैं। साथ ही कुछ लोग अनोखे अंदाज में समाज को स्वस्थ रहने का संदेश दे रहे हैं तो कुछ लोग कर्तव्यनिष्ठा का मिसाल बने हुए हैं।


राधिका नगर दुर्ग आंगनबाड़ी केंद्र  की सहायिका कु जानकी देवांगन दोनों पैरों से दिव्यांग है पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में वो एक मिसाल है । कोरोना काल मे अपने ट्रायसिकल से घर घर जाकर हितग्राहियों को रेडी टू इट वितरित करती रही है। वे कभी भी अपने कार्य में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित नहीं होती । अन्य दिनों में केंद्र में गर्म भोजन बनाने से लेकर बच्चों की देखरेख भी बड़े लाड़ प्यार से करती है । कर्तव्यनिष्ठ जानकी अवकाश भी बहुत कम लेती है ।


आंगनबाड़ी केंद्र बंद के दौरान रायपुर की पर्यवेक्षक पंखुरी मिश्रा नें प्रचार का नया तरीका अपनाया  । अपने घर में 3D रंगोली बनाकर उसमें गर्भवती महिलाओं के लिये आवश्यक पोषण आहार को इस अंदाज से प्रदर्शित किया गया था जैसे किसी ने सचमुच में भोजन की थाली परस दिया हो। रंगोली की फोटो को सोशियल मीडिया के माध्यम से अपने क्षेत्र के गर्भवती महिलाओं को भेज कर इन्होंने कर्तव्य निर्वहन का संदेश दिया। उसके क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा पोषण आहार गानें पर किया गया नृत्य को भी लोगों की सराहना मिली।


रायपुर शहर की ही एक अन्य पर्यवेक्षक रीता चौधरी के क्षेत्र में निःशक्त बच्ची के द्वारा रंगोली से स्वास्थ्य संदेश दिया गया। किशोरी बालिका प्रज्ञा और ऋतु यादव के द्वारा हाथों में मुनगा भाजी, हरा लिबास में फैंसी ड्रेस के माध्यम से पोषण का प्रचार किया गया।


मंदिरहसौद के समीपस्थ ग्राम भानसोज की पूनम और मेघा टमाटर से बनी कान की बाली, सेव फल की करधनी, करेला और पपीता से बनी माला, मिर्च से चूड़ियां, मुनगा भाजी की पत्तियों से हेयरबैंड लगाकर पोषण देवी बनकर प्रचार किया। पर्यवेक्षक ऋतु परिहार , कार्यकर्ता मीना देवांगन, विमला कोसले सहायिका इंदु बजाज और स्वसहायता समूह की महिलाओं के मार्गदर्शन में बहुत से आयोजन किये जा रहे हैं।



जिला मुंगेली रोहराकला सेक्टर की पर्यवेक्षक बिंदु सिंह के मार्गदर्शन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरिता ध्रुव के द्वारा चेहरे पर पेंट से सेव गर्ल का चित्र बनाकर जनजागरण का अनोखा तरीका अपनाया गया। इसी क्षेत्र के दो बच्चे ऋचा और मिष्ठी के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का लोगो बनाकर आम जनता को संदेश देने का कार्य किया गया।साथ ही कान्हा बने हर्ष दुबे को राज्य की पारंपरिक वेशभूषा में छत्तीसगढ़ महतारी बनी आस्था दुबे नें संतुलित भोजन खिला कर व्यवहार परिवर्तन का पौराणिक और आधुनिक अंदाज के जुगलबंदी से प्रचार किया ।