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नवीन कन्या महाविद्यालय, कार्यशाला के दूसरे दिन ध्रुवस्वामिनी नाटक की समीक्षा एवं प्रमुख अंश की प्रस्तुति

नवीन कन्या महाविद्यालय, कार्यशाला के दूसरे दिन ध्रुवस्वामिनी नाटक की समीक्षा एवं प्रमुख अंश की प्रस्तुति

रायपुर, 15 सितंबर। डॉक्टर राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय मठपारा रायपुर साहित्य समिति द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी के प्रमुख नाटक, समीक्षा एवं अभिनय शीर्षक पर सात दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन छात्राओं द्वारा नाटककार जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध नाटिका ध्रुवस्वामिनी की समीक्षा एवं प्रमुख अंश का शानदार अभिनय किया गया.

कार्यशाला में बीए अंतिम वर्ष एवं एमएससी गणित की छात्राओं द्वारा नाटककार जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध नाटिका ध्रुवस्वामिनी की समीक्षा एवं प्रमुख अंश का शानदार अभिनय किया गया. इस कार्यशाला की मुख्य अतिथि देवेंद्र नगर कन्या महाविद्यालय रायपुर की प्राध्यापक डॉ रंजना तिवारी थी. 

कार्यशाला की संयोजक डॉ गौरी अग्रवाल ने कहा कि ध्रुवस्वामिनी नाटिका प्रसाद की अंतिम एवं श्रेष्ठ कृति है. इस नाटक की नायिका ध्रुवस्वामिनी का अंतिम वाक्य - आज यहां निर्णय हो जाना चाहिए कि मैं कौन हूं, बतला रहा है कि वर्तमान में स्त्री की कोमलता और दुर्बलता का मिथक रूप टूट रहा है अब वहां हर क्षेत्र में अपनी सार्थकता साबित कर रही है. अब वह दान या उपहार की वस्तु नहीं बल्कि सृष्टि के अस्तित्व का परिचायक है.

मुख्य अतिथि डॉ रंजना तिवारी ने कहा कि इस नाटक के माध्यम से यह शिक्षा मिलती है कि नारी अपने अस्तित्व की रक्षा करने में सर्व समर्थ है यद्यपि इस नाटक में नायक चंद्रगुप्त का ध्रुवस्वामिनी को भरपूर सहयोग मिलता है पर मेरी बच्चियों तुम सब बिना चंद्रगुप्त के सहयोग से भी अपने अस्तित्व की रक्षा करने में सशक्त हो इसे कभी नहीं भूलना.

ध्रुवस्वामिनी नाटक को प्रस्तुत करने वाली छात्राएं इस प्रकार हैं बरखा नाग, दामिनी साहू, अपिर्ता त्रिपाठी, नीलू शुक्ला, किरण पटेल, आकांक्षा सोनी, किरण साहू, अनामिका देवांगन, और रितु यादव. कार्यक्रम का संचालन बरखा नाग ने किया।