कोरोना श्रृंखला में सुप्रसिद्ध कवि ध्रुव शुक्ल की कविताः अनदेखी-अनसुनी के साम्राज्य में

कोरोना श्रृंखला में सुप्रसिद्ध कवि ध्रुव शुक्ल की कविताः  अनदेखी-अनसुनी के साम्राज्य में


थक गये हैं शिल्पकार

पत्थरों को तराश कर

मिटा न पाये अब तक

अनदेखी-अनसुनी का साम्राज्य


कवि सुना रहे हैं कविताएँ

तराशे गये पत्थरों को

जगा रहे हैं सदियों से

संगीतकार भैरवी गा कर

थक गये हैं लोग 

बजा-बजा कर घण्टियाँ