चौथे दिन भी जिले के 216 एनएचएम कर्मी रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल में

चौथे दिन भी जिले के 216 एनएचएम कर्मी रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल में

      

दंतेवाड़ा।
एन एच एम कर्मचारी संघ के नियमितीकरण के मांग के अनिश्चितकालीन हड़ताल को सभी कर्मचारी सहासंघ का साथ मिल रहा है।
ज्ञात हो कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अपने चुनावी जनघोषणा पत्र में प्रदेश के सभी अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था वहीं वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री और तब के चुनावी जनघोषणा पत्र प्रभारी टीएस सिंहदेव द्वारा सरकार बनने के 10 दिन के भीतर नियमित करने का वादा किया था सब्जबाग दिखाकर कांग्रेस ने सरकार तो बना ली लेकिन अपने वादे से मुकर गई और सरकार बनने के लगभग 2 साल बाद भी नियमितीकरण की कोई प्रक्रिया तक शुरू नहीं की, अनियमित कर्मचारियों में इसे लेकर रोष है जिसकी परिणति प्रदेश को कोरोना संकट के समय संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से चुकानी पड़ सकती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत प्रदेश के 13000 कर्मियों के हड़ताल में जाने से  प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह ठप्प रही। प्राइवेट हॉस्पिटल का खर्चा वहन ना कर सकने वाली आम जनता इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हों रही है खासकर पीएचसीए सीएचसी के कोविड सेंटर्स जहां पर यह संविदा कर्मियों का पूरा अमला तैनात है  जिसमे कोविड 19 के रोगी का चिन्हांकन करनाए उनके सैंपल एकत्रित करना  मैनेजमेंट सर्विलांस कार्य अस्पताल हस्तांतरण या स्थानांतरण करवाना कन्टेनमेंट जोन के साथ-साथ ओपीडी आईपीडी की सेवाएं चरमरा गई है।
इधर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा डैमेज कंट्रोल के नाम पर तानाशाही रवैय्या अपनाते हुएए एस्मा का हवाला देते हुए सेवा से पृथक करने की चेतावनी तो जारी कर दी गई है लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था की कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है जबकि होना ये चाहिए था कि सरकार कर्मचारी नेताओं को बुलाकर उनसे चर्चा करती और बीच का कोई रास्ता निकालती ताकि कोरोना संकट के इस भीषण समय में प्रदेश की जनता को कठिनाई ना हो ऐसा लगता है सरकार अपने दमनकारी दाँव पर जरूरत से ज्यादा भरोसा कर रही है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र साहू ने कहा कि ये शासन का दमनकारी रुख दिखाता है और इससे वे झुकने वाले नहीं हैं उन्होंने अंतिम व्यक्ति के जीवित रहते तक नियमितीकरण की लड़ाई लडऩे की प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी और अधिकारी बिल्कुल भी झुकने के मूड में नहीं दिख रहे है ।
शासन के रवैये को देखते हुए प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ सामूहिक इस्तीफा का निर्णय लिया है। इसी क्रम में दन्तेवाड़ा जिले में भी सभी एनएचएम कर्मी सामूहिक इस्तीफा का मन बना चुके हैं।