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कोरिया : लेंटाना उन्मूलन कार्य मे भारी अनियमितता की अभी तक नही हुई जांच,सूचना के अधिकार अधिनियम का भी नही हो रहा पालन

कोरिया :  लेंटाना उन्मूलन कार्य मे भारी अनियमितता की अभी तक नही हुई जांच,सूचना के अधिकार अधिनियम का भी नही हो रहा पालन

बैकुंठपुर।   ब्यूरो-कोरिया वन मण्डल अंतर्गत परिक्षेत्रों में बीते वर्ष कराए गए लेंटाना उन्मूलन कार्य मे भारी अनियमितता की गईं है।नगद मजदुरी भुगतान के नाम पर विभागीय अधिकारी कर्मचारी मजदूरों का हक मारने तथा बिना कार्य कराए ही राशि आहरण कर मामले को रफा दफा कर चुके है।इस सबन्ध में सीसीएफ,पीसीसीएफ तक शिकायत की गई है लेकिन अभी तक किसी प्रकार की जांच नही कराई गई है।

उल्लेखनीय है कि वनों को कंटीले झाड़ीदार राईमुनिया(लेंटाना) से बचाने करोड़ो रूपये खर्च किये जाते है लेकिन वन विभाग जिनको पैसे दिए जाते है उन पैसो की बंदरबांट की वजह से धरातल पर पूरा कार्य नही हो पाता है।ऐसे कार्यो का निरीक्षण उच्चाधिकारियों द्वारा समय पर न करने से वन मण्डल स्तर के अधिकारी कर्मचारी मनमाफिक आधा अधूरा कार्य कराकर कागजो में पूरा कर देते है।

 जानकारी के अनुसार कोरिया वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र खड़गवां चिरमिरी और सोनहत में हुए लेंटाना उन्मूलन कार्य मे लाखो का मजदुरी भुगतान नगद में किया गया है। उस समय कई श्रमिकों ने बताया कि इस कार्य को करने से पहले उन्हें जो मजदुरी दर बताया गया था उसके के हिसाब से उन्हें कम भुगतान किया गया है। वही जो मजदुरी भुगतान गठित समिति के माध्यम से किया जाना था वह भी नही हुआ और मजदुरी भुगतान घरों में जा जा कर किया गया है। इसके अलावा जिस स्थानों पर लेंटाना उन्मूलन कार्य नही हुआ है उसका भी वाउचर बना राशि आहरित करने की बात सामने आ रही है।

नही दी जाती है सूचना के अधिकार के तहत जानकारी

कोरिया वन मण्डल में जन सूचना अधिकारी द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर वेवजह महीनों परेशान करने के बाद भी आवेदकों को जानकारी नही दिया जा रहा है।लेंटाना उन्मूलन कार्यों की जानकारी इस अधिनियम पर मांगने से जन सूचना अधिकारी सह वनमंडलाधिकारी द्वारा जानकारी 50 पेज से अधिक होने की दशा में धारा 7(9)का हवाला देकर जानकारी देने के बजाए अवलोकन करने मजबूर किया जाता है।आपको बता दे कि सूचना के अधिकार अधिनियम में अगर जानकारी 50 पेज से अधिक होने पर यह नियम गरीबी रेखा के अंतर्गत किये गए आवेदनों पर लागू होता है न कि सामान्य किये गए आवेदन पर।वहीं सूचना की अधिकार अधिनियम के धारा 7(9)में यह भी स्पष्ट उल्लेख है कि जानकारी जिस रुप मे मांगी जाती है उसे उसी रूप में दिया जाना है।इसके बाद भी जन सूचना अधिकारी के द्वारा जानकारी प्रदान न करके अपील का रास्ता दिखा दिया जाता है।