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पोटाली कैम्प विरोध मामला, नक्सलियों ने जवानों पर चोरी और मारपीट का लगाया आरोप

पोटाली कैम्प विरोध मामला, नक्सलियों ने जवानों पर चोरी और मारपीट का लगाया आरोप

प्रेसनोट जारी कर ३ दिनों में युद्ध जैसा माहौल बनाने का आरोप जवानों पर

दन्तेवाड़ा, 17 नवंबर। पोटाली कैम्प विरोध मामले में माओवादियों के दरभा डिवीजन ने प्रेसनोट जारी कर ३ दिनों में युद्ध जैसा माहौल बनाने का आरोप जवानों पर लगाया।

३ दिनों में 150 ग्रामीणों से मारपीट, मुर्गे और साग सब्जियों की जवानों पर चोरी का आरोप लगाने हुए भीड़ को हटाने के लिए आशु गैस के गोले और हवा में फायरिंग कर रहे जवान। मोदी सरकार व भूपेश सरकार दोनों के नीतियों के विरोध की अपील की बात लिखी। साथ ही उसमें लिखा है कि आवाज उठाने वाले शहरी लोगो को अर्बन नक्सली बताकर जेलों में बंद कर रहे। 


प्रेसनोट में दरभा डिवीजन ने लिखा है 11 नवम्बर से लगे पोटाली कैम्प का विरोध जनता स्वयं से कर रही है. क्योंकि जनता जानती है पुलिस कैम्प लगाने के नाम पर ग्रामीणों पर किस तरह जुल्म करती है. 3 दिनों में कैम्प विरोध के लिए बढ़ रही जनता से लगातार मारपीट कर हवा में गोलियां चलाने और आशु गैस छोड़कर भीड़ को तीतत बीतर करने जैसी बात लिखी है. साथ ही जवानों के गश्त के दौरान सल्फी जबरन उतारकर पीने, घरों में जबरन घुसकर मुर्गें-मुर्गियों और खेतों से साग-सब्जी के चोरी जैसे आरोप लिखे है. जारी प्रेसनोट में छग डीजीपी डीएम अवस्थी के लिए लिखा है कि जनता स्वयं से आंदोलन चला रही है किसी के बहकावे में नहीं आ रही है.

प्रेसनोट में दरभा डिवीजन ने लिखा है माओवादी आंदोलन दमन के नाम पर केंद्र में सत्तारूण भाजपा का ब्राह्मणीय हिंदूफासीवादी राज को स्थापित करने के लिए और आक्रमक रूख अपना रही हैं. ‘माओवादी-रहित, ब्राह्मणीय हिंदूफासीवादी राज की स्थापना के लक्ष्य हैं-व्यापक जनता के उत्पीड़ित सामाजिक समुदायों, उत्पीडित राष्ट्रीयताओं के हितों का सख्त खिलाफ हैं. इस लिए उत्पीडित वर्गो, सामाजिक समुदायों उत्पीड़ित राष्ट्रीयताओं ने अपनी आर्थिक, राजनीतिक, हितों को बचाने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा अपना ही जा रही देशद्रोही नीतियों के विरोध में लड़े रहे हैं.