breaking news New

गांधी का व्यक्तित्व किसी एक फिल्म में समाहित नहीं हो सकता: डॉ. चौबे

गांधी का व्यक्तित्व किसी एक फिल्म में समाहित नहीं हो सकता: डॉ. चौबे

गांधीजी के जीवन पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन 

जनधारा समाचार 

रायपुर, 12 सितंबर। फिल्म समीक्षक एवं फिल्मों के अध्येता डॉ. अनिल चौबे द्वारा आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन संघर्ष और विचारों और मोहनदास करमचंद गाँधी महात्मा बनने तक की पूरी यात्रा का गांधी फिल्म के चित्रों के माध्यम से प्रस्तुति की गई। अपनी प्रस्तुति में डॉ. चौबे ने महात्मा गाँधी 1982 में वास्तविक जीवनी बनी आधारित गांधी फि़ल्म के महत्वपूर्ण दृश्यों, अन्य फिल्मों तथा डाक्यूमेंट्री के माध्यम से गांधी के जीवन दर्शन को सामने रखा। 

संस्कृति विभाग के इस आयोजन में डॉ. चौबे ने कहा कि गांधी का व्यक्तित्व इतना विशाल है कि जिसे तीन घंटे की फिल्म में प्रस्तुत करना निर्देशक रिचर्ड एटनबरो के लिए भी बहुत मुश्किल काम था। उन्होंने गोविंद निहलानी, पं. रविशंकर आदि हिन्दुस्तानी कलाकारों के सहयोग से गांधी फिल्म का निर्माण 20 सालों में पूरा किया। इस फिल्म को 9 आस्कर अवार्ड प्राप्त हुए। डॉ. चौबे ने गांधी जी से जुड़े अंशों को दिखाते हुए कहा कि  गांधीजी के विजय यात्रा ने पूरी दुनिया यह बता  दिया कि एक आदमी काफी होता है किसी भी चीज को बदलने के लिए। श्री चौबे ने अपनी प्रस्तुति की शुरूआत गांधीजी की द. अफ्रीका में भेदभाव नीति के चलते ट्रेन में हुए धक्का देकर निकाले गए हादसे की द. आफ्रीका में अश्वेत लोगों के फिंगरप्रिंट पास की होली जलाने से लेकर गांधी जी की मृत्यु तक की प्रस्तुति को अपने प्रदर्शन में शामिल किया।

गांधीजी के जीवन में 1917 में चंपारण आंदोलन से आए बदलाव की जानकारी देते हुए श्री चौबे  ने कहा कि गांधी जी 11 बार जेल गए और 11 साल जेल में बिताए। गांधी जी भारत विभाजन के सख्त खिलाफ थे। उन्होंने कभी भी विभाजन का समर्थन नहीं किया। श्री चौबे ने कहा कि आज कुछ लोग गांधी जो को छोटा बताने पर तुले हुए हैं ऐसे लोग न तो गांधी जी के विचारों को जानते हैं न तो उनके जीवन यात्रा को। श्री चौबे ने अपने प्रदर्शन में हे राम फिल्म तथा मैंने गांधी को नहीं मारा फिल्म को समाहित किया।  कार्यक्रम में उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महादेव प्रसाद पांडे जी का संचालक संस्कृति विभाग अनिल साहू ने सम्मान किया। गांधी जी के दर्शन को फिल्मों के माध्यम से प्रदर्शन करने के कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के सचिव सोनमणि वोरा, संचालक अनिल कुमार साहू, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महादेव प्रसाद पांडे, पूर्व विधायक रमेश वल्र्याणी सहित लोग उपस्थित थे।