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महागठबंधन का वोट प्रतिशत 2015 के मुकाबले बढ़कर 32 फीसदी होने से सत्तारूढ़ गठबंधन खेमे में मची हड़कंप

महागठबंधन का वोट प्रतिशत 2015 के मुकाबले बढ़कर 32 फीसदी होने से  सत्तारूढ़ गठबंधन खेमे में मची हड़कंप

चिराग पासवान को बढ़ावा देने का आरोप : नीतीश को सीएम बनाने की घोषणा में छुपी बीजेपी के नीयत पर संदेह 

पटना।  बिहार विधानसभा चुनाव में  महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव की सभाओं में भीड़ से बीजेपी की चुनावी रणनीति पर जेडीयू के भीतर से सवाल तेज हो गए हैं.  चुनावी फिजा में  प्रश्न उभरा है कि कहीं नीतीश को बलि का बकरा बनाने के लिए तो बीजेपी ने उन्हें एनडीए का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित नहीं किया?

 बीजेपी पर एलजेपी नेता चिराग पासवान को बढ़ावा देने का आरोप लगाने वाले जेडीयू के नेता अब नीतीश को ही हर हाल में मुख्यमंत्री बनाने की उसकी घोषणा में छुपी नीयत पर भी संदेह कर रहे हैं. चुनाव पूर्ण सर्वेक्षण में 45 फीसदी बीजेपी समर्थकों द्वारा उन्हें फिर मुख्यमंत्री बनाने के विरोध से भी हो रही है.

साल 2010 में बीजेपी के 91 फीसदी समर्थकों ने नीतीश को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन किया था, जबकि 2020 में महज 55 प्रतिशत बीजेपी समर्थक ऐसा चाहते हैं. इतना ही नहीं बीजेपी के 30 फीसदी समर्थक तो नीतीश की जगह और किसी को मुख्यमंत्री बनाने के खुलेआम पक्षधर हैं.सर्वेक्षण के अनुसार, नीतीश कुमार को जहां 31 फीसदी मतदाता मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं, वहीं 27 फीसदी ने तेजस्वी प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री बनने की चाहत जताई है.

नीतीश कुमार की शख्सियत की लोकप्रियता लालू परिवार से महज एक फीसदी अधिक बची है. नीतीश को जहां 31 फीसदी ने अपनी पसंद बताया वहीं 30 फीसदी ने लालू परिवार को तवज्जो दी है.यह सर्वेक्षण 10 से 17 अक्टूबर के बीच हुआ है इसलिए इससे मतदान के रूझान का आंशिक अनुमान तो लगाया ही जा सकता है.

सामान्यजन में भी 43 फीसदी लोग नीतीश के फिर मुख्यमंत्री बनने के विरूद्ध हैं, जबकि महज 38 फीसदी उनके समर्थन में हैं. इस तरह उनके चौथी बार बिहार का मुख्यमंत्री बनने के विरूद्ध लोगों की संख्या उनके समर्थकों से पांच फीसदी ज्यादा है.

नीतीश नीत एनडीए सरकार के कामकाज से नाखुश लोगों का प्रतिशत 44 है जबकि संतुष्टों की संख्या महज 52 फीसदी है, जो 2015 में 80 फीसदी थी. इस प्रकार उनके राज से संतुष्टों की संख्या पिछले पांच साल में 28 फीसदी घटी है.सर्वेक्षण में 20 प्रतिशत लोगों ने बेरोजगारी को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताकर लॉकडाउन और प्रवासी मजदूरों के दर्द को उजागर किया है.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तो अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास और कश्मीर में धारा 370 खत्म करने को बीजेपी की उपलब्धि बताकर बिहार में ध्रुवीकरण का दाव चलना भी शुरू कर दिया है.सर्वेक्षण  एनडीए को 38 फीसदी मतों के बूते 133 से 143 सीट पाकर विधानसभा में बहुमत दिला रहा है मगर महागठबंधन का वोट प्रतिशत 2015 के मुकाबले बढ़कर 32 फीसदी होने से  सत्तारूढ़ गठबंधन की रातों की नींद उड़ गई है .