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300 करोड़ के एक्सप्रेस-वे की जाँच पूरी, विभागीय मंत्री के बजाय मुख्यमंत्री को सौंपी गयी रिपोर्ट, चमन प्रकाश केयर की रिपोर्ट

300 करोड़ के एक्सप्रेस-वे की जाँच पूरी, विभागीय मंत्री के बजाय मुख्यमंत्री को सौंपी गयी रिपोर्ट,  चमन प्रकाश केयर की रिपोर्ट

चमन प्रकाश केयर
रायपुर. बहुचर्चित एक्सप्रेस.वे की जाँच पूरी हो गयी है और चीफ़ टेक्निकल एग्जामिनर और राष्ट्रिय प्रौद्योगिक संस्थान ने जाँच पूरी कर  प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रिपोर्ट सौंप दी है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही प्रशानिक स्तर पर बड़ी कार्यवाही हो सकती है जिसमे कई जिम्मेदार अधिकारी भी हैं. दरअसल में  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के चर्चित एक्सप्रेस-वे निर्माण में अनियमितता के मामले की जाँच चीफ़ टेक्निकल एग्जामिनर और राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्थान के द्वारा करीब तीन महीनो तक की गयी है जिसकी रिपोर्ट आज प्रदेश की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंप दी गयी है।

बताया जाता है कि लोक निर्माण विभाग के मंत्री ताम्रध्वज साहू के पास भी यह जाँच प्रतिवेदन नहीं पहुंचा है. सीधे प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल को रिपोर्ट सौंपी गयी है. बताया जा रहा है कि सीईटी और एनआईटी दोनों ने ही एक्सप्रेस-वे  के निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियां पाई हैं. सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में मिट्टी के कॉम्पेक्शन के कारण सड़क के धंसकने और रिटेनिंग वॉल के झुकने की बात कही गई है. साथ ही रिपोर्ट में सुधार की भी अनुशंसा की गई है. यह पूरी रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को भी सौंप दी गई है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद अब जल्द राज्य शासन एक्सप्रेस-वे पर फैसला ले सकती है.

लैब टेस्ट में फेल हुए थे सैंपल

एनआईटी लैब की जांच में यहां से लिए गए 51 सड़क के सैंपल पूरी तरह से फेल हो गए थे. वहीं मुख्य तकनीकी परीक्षक ने भी जांच में लापरवाही पाई थी. रिपोर्ट के बाद ही ये कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही राज्य शासन को जांच रिपोर्ट सौंपी दी जाएगी. जांच में ये भी बतलाया गया था कि एक्सप्रेस-वे पर स्टेशन से तेलीबांधा के बीच बनी सभी पांच सड़कें उखाड़कर फिर से बनानी होंगी.

PWD मंत्री को नहीं मिली रिपोर्ट
वहीं इस मामले में सूबे के लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू का कहना है कि फिलहाल उन्हें जांच रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली है. मंत्री ताम्रध्वज साहू ने साफ कहा था कि जो रिपोर्ट आएगी उस पर तुरंत कार्रवाई होगी. जांच रिपोर्ट में जो बिंदू तय होंगे उसके अनुसार ही कार्रवाई तय होगी.

बारह करोड़ रुपये अभी भी ठेकेदार के पास
बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस वे के निर्माण में तीन सौ करोड़ से भी अधिक के प्रोजेक्ट में रायपुर रेलवे स्टेशन से लेकर शदाणी दरबार तक के एक्सप्रेस-वे में पांच जगहों पर फ्लाई ओवर का निर्माण किया गया है। शंकर नगर के पास फ्लाई ओवर की रिटेनिंग वाल गुणवक्ता विहीन बताई जा रही है। कहा यह भी जा रहा है कि इसे तोड़कर दुबारा बनाया जायेगा। एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रहे ठेकेदार के पास बारह करोड़ राशि बचे हुए है उसे जप्त करने की बात कही जा रही है।