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कश्मीर में नजरबंद नेताओं का इतना सत्कार हो रहा है जितना घर में भी नहीं होता : जितेंद्र सिंह

कश्मीर में नजरबंद नेताओं का इतना सत्कार हो रहा है जितना घर में भी नहीं होता : जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कश्मीर में नजरबंद चल रहे नेताओं की खूब पूछ-परख चल रही है और उनका ऐसा सत्कार हो रहा है जैसा कि घर में भी नहीं होता. उन्होंने यह बात ‘अनुच्छेद 370 निरस्त किया जाना : जम्मू, कश्मीर एवं लद्दाख में शांति, स्थिरता एवं विकास ’ विषय पर अपने संबोधन के दौरान दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कही. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर में जो भी लोग नजरबंद हैं उनकी आवभगत हो रही है. उनका कहना था, ‘कोई कैद नहीं है, (ये) एक प्रकार की प्रतिबंधात्मक नजरबंदी है और वो भी ऐसी नजरबंदी जहां खूब-पूछ परख हो रही है. नजरबंद किए गए कुछ लोगों का तो इतना सत्कार हो रहा है जितना मेरे घर में मुझे नहीं मिलता. उनमें से कुछ ब्राउन ब्रेड मांग रहे हैं, कुछ हॉलीवुड (फिल्म) वीडियो की फरमाइश कर रहे हैं.’

जितेंद्र सिंह ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस कानून ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को अलग थलग किया था और इसकी वजह से राज्य में आतंकवाद आया. केंद्रीय मंत्री के संबोधन के दौरान वाम दलों से जुड़े कुछ छात्रों ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के विरोध में नारे लगाए. जम्मू से ताल्लुक रखने वाले केन्द्रीय मंत्री ने इसे बेहद सहज तरीके से लिया और नारेबाजी को ‘शानदार स्वागत’ करार दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि छात्र इस विषय पर अपनी बात रखने के लिए ‘उत्सुक और उत्साहित’ हैं. उधर, कुलपति जगदीश कुमार ने कहा कि जेएनयू अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के कदम का शेष भारत के समान ‘एक स्वर’ में समर्थन करता है. (पीटीआई )