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ई-स्टांपिंग ने छीनी कश्मीर में 28000 परिवारों की आजीविका : अपनी पार्टी

 ई-स्टांपिंग ने छीनी कश्मीर में 28000 परिवारों की आजीविका : अपनी पार्टी

श्रीनगर।  अपनी पार्टी (एपी) ने यहां शुक्रवार को स्थानीय स्टांप विक्रेताओं के माध्यम से ई-स्टांपिंग को अमल में लाने की मांग करते हुये कहा कि नयी प्रणाली ने जम्मू-कश्मीर में 28000 परिवारों की आजीविका छीन ली है।

पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुलाम हसन मीर ने शुक्रवार को कहा कि लापरवाह तरीके से नियोजित तथा बुरी तरह से क्रियान्वित ई-स्टांपिंग प्रक्रिया से जम्मू-कश्मीर में 28000 से अधिक परिवारों की आजीविका छीना जाना चिंताजनक है। श्री मीर ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित विभाग से इस नीति को फिर से लागू करने के निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि स्थानीय स्टांप विक्रेताओं के आजीविका हितों की रक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

 मीर ने एक बयान में कहा '' जम्मू-कश्मीर में ई-स्टांपिंग की पहल से हजारों परिवारों को झटका लगा है, जिन्होंने स्थानीय स्टांप विक्रेताओं के रूप में कड़ी मेहनत की और जिनकी आय पूरी तरह से स्टांप की बिक्री पर ही निर्भर करती है वे अब बेरोजगार हो गये हैं। हालांकि तकनीकी उन्नति के कारण ई-स्टांपिंग प्रक्रिया समय की जरूरत है, क्योंकि यह एक सुरक्षित और छेड़छाड़ विरोधी तंत्र प्रदान करती है जिससे घोटालों और राजस्व हानि को रोका जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक स्टांपिंग परियोजना की शुरुआत से पहले सरकार को स्थानीय विक्रेताओं के आजीविका हितों की रक्षा करनी चाहिए थी। ''

उन्होंने कहा '' नीति नियोजकों को ई-स्टांपिंग में स्थानीय स्टांप विक्रेताओं को शामिल करना चाहिये, क्योंकि उनमें से अधिकतर दशकों से इस क्षेत्र में हैं और कोई अन्य व्यवसाय नहीं कर सकते हैं। कई शिक्षित बेरोजगार युवा स्टांप वेंडिंग के जरिये ही अपना घर परिवार चला रहे हैं। उन्होंने इस व्यवसाय में अपना समय और पैसा दोनों लगाया है। अब ई-स्टांपिंग ने उन्हें लाचार कर दिया है। यहां तक कि वे अपने बच्चों की स्कूल फीस का भुगतान करने में भी सक्षम नहीं हैं। ''

श्री मीर ने कहा कि इस क्षेत्र में बैंकों की भागीदारी से स्टांप विक्रेताओं के परिवारों का अपनी कमाई से वंचित होना तय है, इसलिये सरकार को अपनी स्टांप ड्यूटी नीति को फिर से लागू करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित स्थानीय स्टांप विक्रेताओं को नयी प्रक्रिया में शामिल किया जाये।