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IPS, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण तारकेश्वर पटेल, 'औदयोगिक-दुर्घटनाओं में पुलिस की अपनी सीमा है, रात की गश्त और टीमें बढ़ाने के अच्छे नतीजे मिले हैं'

IPS, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण तारकेश्वर पटेल, 'औदयोगिक-दुर्घटनाओं में पुलिस की अपनी सीमा है, रात की गश्त और टीमें बढ़ाने के अच्छे नतीजे मिले हैं'

रायपुर. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण, आइपीएस तारकेश्वर पटेल का मानना है कि औदयोगिक इलाकों में फेक्ट्रियों में घटित होने वाली दुर्घटनाओं में एफआईआर जरूर हो जाती है परंतु इसके दोषियों को सजा दिलाने में अन्य विभागों की रिपोर्ट मायने रखती है. पुलिस अपने अधिकार—सीमा के तहत ही कार्रवाई कर सकती है. श्री पटेल का ध्यान उन तीन औदयोगिक दुर्घटनाओं की ओर दिलाया गया था जिसमें पांच से ज्यादा मौतें हो गईं थीं.

श्री पटेल ने कहा कि पुलिस की पहली प्राथमिकता मानवीय मदद की होती है कि मृतक या घायलों को मुआवजा मिला कि नही, उनके इलाज की व्यवस्था हुई या नहीं, यह प्रमुख होता है. उद्योगों के मालिक अमूमन मदद करते ही हैं लेकिन जहां तक दुर्घटना की जांच का सवाल है या आगे की कार्रवाई का प्रश्न है, यह दूसरे विभागों की रिपोर्ट पर तय करता है मसलन श्रम विभाग, उद्योग विभाग या अन्य विभाग क्या कार्रवाई कर रहे हैं, इस पर निर्भर होता है. यदि दुर्घटना से पीड़ित व्यक्ति पुलिस से शिकायत करता है तो पुलिस उस पर हस्तक्षेप करती है परंतु उसकी भी अपनी लिमिट है.

हाल ही में हुई औदयोगिक दुर्घटनाओं में फिलहाल कोई शिकायत नही आई है. यदि आएगी तो कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि रायपुर ग्रामीण इलाकों में कानून व्यवस्था मैंटेन है तथा अपराधों पर भी लगाम कसी है. रात में गश्त बढ़ाने की कवायद भी तेज हुई है जिससे अपराधों में कमी आई है. मालूम होवे कि राजधानी रायपुर से लेकर प्रदेश भर में औदयोगिक दुर्घटनाएं होती हैं परंतु उसके दोषियों को कभी सजा नही हो पाती.