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कड़ी सुरक्षा के बीच रिहा हुई अंजली, पति इब्राहिम के साथ जाते हुए मां-बाप को किया याद, कहा-कुछ दिनों के बाद जाउंगी मनाने

कड़ी सुरक्षा के बीच रिहा हुई अंजली, पति इब्राहिम के साथ जाते हुए मां-बाप को किया याद, कहा-कुछ दिनों के बाद जाउंगी मनाने

रायपुर. राजधानी के सखी सेंटर में पिछले डेढ़ महीने से जाया समय से कड़ी सुरक्षा के बीच कैदी जैसी जिंदगी गुजरने के बाद आखिर कार अंजलि जैन अपनी मर्जी से पाती इब्राहिम के साथ चली गई। लेकिन जितना आसान आपको ये पढ़ने में लग रहा है दरअसल उतना आसान था नहीं। तीन दिन पहले हाईकोर्ट का फैसला जब आया उसके बाद निर्मित हुई परिस्थितियों के बाद जब अंजली को छोड़ने का समय निर्धारित किया गया तो उसी समय से इलाके में 144 द्धारा लागू हो गई थी और बुधवार को इलाके को पुलिस ने बख्तरबंद गाड़ियों में तैनात जवानों की देखरेख में बेरीगेटिंग कर दी। जिसमें रायपुर के एसएसपी सहित शहर और ग्रामीण एएसपी के साथ ही सीएसपी और थानेदारों के आलावा तकरीबन डेढ़ सौ से ज्यादा जवान तैनात रहे।

सुरक्षा इतनी कड़ी की अंजली के पति को ही रोक लिया
इस दौरान सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि सखी सेंटर के आस-पास बिना आईडी प्रूफ के न तो कोई मीडिया वाला जा पा रहा था न ही कोई और। इसी बीच डियूटी में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने मामले की मुख्य कड़ी अंजली जैन के पाती इब्राहिम उर्फ़ आर्यन आर्य को भी सखी सेंटर से दो सौ मीटर दूर लगे बेरीगेट के भीतर घुसने से रोक दिया था, अपनी पहचान की दो आईडी रखने वाले इब्राहिम ने पहले आर्यन आर्य वाली आईडी दिखाई जिसे देखने के बाद पुलिस अधिकारी ने उसे अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी, लेकिन जब उसने इब्राहिम वाली आईडी दिखते हुए बताया की सखी सेंटर में जिस अंजली जैन को छोड़ा जा रहा है उसका पाती इब्राहिम वही है, इस पर आईडी देखते हुए पुलिस अधिकारी ने इब्राहिम को अंदर घुसने दिया।

अंजली ने कहा कि पापा को मनाऊंगी
अंजली जैन के सखी सेंटर से बाहर आते ही वो अपने पति से मिलकर बहुत खुश थी। बाहर आते ही अपने पति इब्राहिम की बाहें थामते हुए कहा कि मेरी जिंदगी पिछले आठ महीने बहुत ज्यादा परेशानी भरे बीते हैं, बहुत दिनों बाद हम मिले हैं अब इनका हाथ नहीं छोडूंगी, लेकिन इस तरह से सौरल जाउंगी ऐसा कभी सोचा नहीं था, पापा-मम्मी की बहुत ज्यादा कमी महसूस हो रही है। साथ ही ये भी कहा कि थोड़े दिनों के बाद जब पापा का गुस्सा थोड़ा शांत हो जायेगा तब उनके पास जाउंगी और उन्हें मनाऊंगी।

इब्राहिम को एक हवलदार सहित तीन सिपाहियों की सुरक्षा मिली हुई है। मिली जानकारी के अनुसार इब्राहिम ने थाने में शिकायत कि थी कि उसकी जान को खतरा है, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई है।