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युवक को तलवार लहराने के झूठे आरोप में फंसाने के मामले ने लिया नया मोड़

युवक को तलवार लहराने के झूठे आरोप में फंसाने के मामले ने लिया नया मोड़



"निर्दोष युवक ने लगाई एसपी से लगाई गुहार जांच करने" 


बाराद्वार, 02 जून । बाराद्वार पुलिस  के द्वारा निर्दोष युवक पर आर्म्स एक्ट की कार्यवाही कर खुद मुसीबत में नजर आ रही है। दिनांक 28 मई को बाराद्वार पुलिस के कुछ सिपाही व हवलदार  युवक  देवचरण साहू निवासी सकरेली (बा) को रेल्वे फाटक सकरेली के पास  पुलिसकर्मी द्वारा रुकवाया जाता है। युवक अपनी मोटरसाइकिल को किनारे कर रुकता है। उतने में पुलिस गाड़ी सामने से आकर देवचरण साहू को थाने चलने के लिए कहता है।

युवक को पुलिस थाना ले जाती है। युवक को लेकर  जाते समय युवक के पास किसी भी प्रकार का कोई हथियार नहीं था  दरअसल मामला कुछ और ही था  युवक देवचरण साहु  केवल  जुआ खेलता था  इसी बीच  बाराद्वार पुलिस  से  युवक ने  संपर्क कर   युवक  जुआ खेलाने के लिए  एक मोटी रकम  के लेनदेन के बाद  पुलिस और युवक के बीच  समझौते के रूप में हुई थी परंतु लॉक डाउन होने के कारण युवक किसी भी प्रकार  का  कोई भी  खेल फड  नहीं किया.

इन सब बातों को लेकर  पुलिस द्वारा उसे  बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा था कि  आपके द्वारा हमें प्रतिमाह  समझौते के रूप में जो राशि देने की बात कही गई है  उसे दें  युवक के द्वारा कहा गया कि  ना तो मेरे द्वारा  जुआ खिलाया जा रहा है  नहीं मैं  जुआ खेल रहा मैं पैसे कहां से दूं इन सब बातों से नाराज होकर पुलिस द्वारा 28 मई को युवक को बंजारी मंदिर की झूठी घटना रचकर देवचरण साहू को गिरफ्तार कर लिया और उसके ऊपर आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही कर न्यायालय में पेश किया गया.



जब बंजारी मंदिर चौक के रहने वाले लोगों को इसकी जानकारी मिली उनके द्वारा बताया गया कि हमारे मोहल्ले में इस प्रकार की ना तो कोई घटना हुई है और ना ही किसी व्यक्ति के द्वारा तलवार लहराया गया है और ना ही युवक को हम जानते हैं  सारे मोहल्ले वाले  इकट्ठे होकर  युवक के  आवेदन में  हस्ताक्षर कर  इस प्रकार झूठा आरोप लगाकर  कार्यवाही करने वाले  पुलिस अधिकारियों पर  कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक जांजगीर गृह मंत्री  एवं राज्यपाल से की गई है  ग्राम सकरेली बा के सरपंच पति स्वयं इस मोहल्ले में रहते हैं.

और उनके द्वारा बताया गया कि हमारे मोहल्ले में कभी भी इस प्रकार की घटना नहीं हुई है और पुलिस के द्वारा इस प्रकार गांव के युवक को झूठे आरोप में फंसाया गया है जिसके चलते हमारे ग्राम वासी भयभीत हैं इस प्रकार बाराद्वार पुलिस के द्वारा कभी भी सीधे साधे भोले भाले व्यक्तियों के साथ इसी तरह से  झूठा मामला दर्ज कर कार्यवाही  कर सकते हैं  बंजारी मंदिर चौक के पास रहने वाले लोगों के द्वारा भी पुलिस अधीक्षक जांजगीर से लिखित हस्ताक्षर कर घटना की सच्चाई जानने वह दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई  हैं।  देवचरण साहु  को थाने ले जाने की जानकारी  मिलते ही उसके परिजन बाराद्वार थाना पहुँचे और  किस मामले के तहत आप लोगों के द्वारा मेरे पुत्र देवचरण साहु को लाया गया है.

 पुलिस द्वारा परिजनों को जुआ एक्ट की कार्यवाही करने की बात बताई गई युवक के पिता के द्वारा कहा गया कि आप लोग इसे सड़क से पकड़ कर लाए हैं तो किस तरह से आप लोग जुआ खेलने की कार्रवाई करेंगे परंतु  पुलिस द्वारा कहा गया कि आपका लड़का जुआ तो खेलता है और हमें उच्च अधिकारियों से निर्देश प्राप्त हुआ है कि आज जुए सहित क्षेत्र में किसी प्रकार का प्रकरण दर्ज करें हम केवल जुआ की कार्यवाही कर आपके लड़के को छोड़ देंगे ऐसा कहते हुए गांव  के ही दो लोगों को गवाही बनाकर कार्रवाई करने की बात कही गई और उनसे कोरे कागज में गवाहों से  हस्ताक्षर लिया गया.

परंतु युवक के खिलाफ जुआ एक्ट की कार्रवाई की जगह आर्म्स एक्ट की कार्यवाही करते हुए युवक के खिलाफ कार्यवाही की गई जब देव चरण साहु के पिता और गवाहों को यह जानकारी मिली तो उनके द्वारा इसका विरोध किया गया परंतु पुलिसिया षडयंत्र को उनके परिजन व मित्रों को समझ नहीं आ रहा था। और जबतक उनको समझ आया तब तक पुलिस द्वारा युवक के खिलाफ झूठा आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए कार्यवाही कर दिया गया.

   बाराद्वार पुलिस की दबंगई के चलते एक निर्दोष ब्यक्ति को तलवार लहराने के झूठे आरोप में फंसा कर पुलिस क्या साबित करना चाहती है यह तो बाराद्वार थाना  पुलिस ही जाने। बाराद्वार पुलिस की गलत नीति व गलत कार्यवाही से आम जन का बाराद्वार पुलिस के प्रति आक्रोश है  वही भरोसा उठने लगा है।  वही बंजारी मंदिर मोहल्ले में रहने वाले युवक बुजुर्ग के द्वारा कहा गया कि पुलिस द्वारा इस प्रकार झूठा प्रकरण दर्ज  करने लगे तो  हम गरीब तबके के लोगों का क्या होगा?

देवचरण पर हुए झूठे पुलिसिया कार्यवाही से  ग्रामवासी पुलिस के आतंक से भयभीत नजर आ रहे है। भविष्य में इस तरह की कोई झूठा कार्यवाही न हो इस लिए सकरेली बा के ग्रामीणों द्वारा सच की जांच कराने के लिए लिखित ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की गई है ग्रामीणों ने बताया कि  अखबार में घटना की जानकारी पढ़ने से हमे पता चला कि बाराद्वार पुलिस द्वारा झूठा कार्यवाही कर हमारे गाँव के युवक को फंसाया गया है  वही  प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा इस घटना का जिक्र करते हुए इस कार्यवाही को पूरा निराधार बताते हुए देवचरण को निर्दोष बताया है।


पुलिस घटना को बंजारी मंदिर के पास होना बताया है। इस घटना की सच्चाई जानने के लिए जब मौके पर जाकर लोगों से जानकारी ली गई तोबंजारी मंदिर के पास रहने वाले लोगों ने तलवार लहराने जैसी घटना होने या सुनने से इनकार किया है। और इस पूरे मामले को पुलिस की झूठी कार्यवाही होना बताते हुए पुलिस के खिलाफ शिकायत  पुलिस अधीक्षक जांजगीर गृह मंत्री राज्यपाल को लिखित आवेदन देते हुए सैकड़ों की संख्या में ग्राम वासियों के द्वारा हस्ताक्षर युक्त आवेदन दिया गया है.

देवचरण साहु के साथ उसका साथी जो बाराद्वार है एक साथ फल और दवाई लेकर आ रहे थे उसके द्वारा भी बताया गया कि जैसे ही हम रेल्वे फाटक के पास पहुंचे हमारे मोटरसाइकिल को रोककर गाड़ी की चाबी छीन ली गई और देवर चरण साहु को जबरदस्ती पुलिस गाड़ी में डालकर बाराद्वार थाना ले गए से 

युवक देव चरण  साहु को पुलिस द्वारा बंजारी चौक से  उठाने और बंजारी मंदिर के पास तलवार लहराने का केस  बनाने की जो कार्यवाही की गई है इससे ही प्रतीत होता है कि इन दिनों बाराद्वार पुलिस को शासन प्रशासन का किसी भी प्रकार का भय नहीं है .

जो इनके द्वारा कार्यवाही कर दी गई वही सही है निर्दोष व्यक्ति चाहे कितना भी चिल्ला चिल्ला कर कहते रहे कि मैंने इस प्रकार किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं किया है फिर भी पुलिस के मन में जो आए वह आरोप गढ़ कर कार्रवाई करने से बाज नहीं आ रही है   पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। आखिर पुलिस को युवक के खिलाफ क्यों करनी पड़ी ऐसी झूठी कार्यवाही?

युवक के पास तलवार नहीं था तो पुलिस कहाँ से लेकर आई तलवार इन सब बातों को लेकर 1 जून को पुलिस अधीक्षक कार्यालय जांजगीर पहुंचकर पीड़ित उसके परिवार सहित ग्रामवासी उत्तम राम भोजराम गोपाल कुमार  रथ राम भजन लाल सहित ग्रामवासी   ने जांच की मांग मामले में पुलिस का प्रार्थी बनना भी सवाल के घेरे में। उक्त मामले में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने  की बात अपने प्रेस विज्ञप्ति में कही गई परंतु बाराद्वार पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर घटना स्थल के लोगों से पूछताछ क्यों नहीं की गई 

मामले के गवाहों ने कहा कि हमें पुलिस स्टॉप द्वारा बताया गया कि उक्त युवक के खिलाफ जुआ एक्ट की कार्यवाही की जा रही है और हमें गवाही बनाया गया। देवचरण साहू को पुलिस रेल्वे फाटक सकरेली के पास से उठाकर थाना लाने की जानकारी हमें  एवं युवक के पिता द्वारा हमें दी गई   बंशीधरे  खांडे (गवाह) और राधेश्याम बरेठ थाना पहुँचे और मामले की जानकारी ली तब पुलिस द्वरा जुआ एक्ट की  कार्यवाही करने की जानकारी दी गई।और  हमारा गवाह के लिए हस्ताक्षर लिया गया है।