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रायपुर : मुख्य सचिव द्वारा मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं की गहन समीक्षा

रायपुर : मुख्य सचिव द्वारा  मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं की गहन समीक्षा

रायपुर। मुख्य सचिव  आर.पी. मंडल ने आज यहां चिप्स कार्यालय रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मनरेगा, गोधन न्याय योजना, सुराजी गांव, नरवा विकास, गौठानों में वर्मी वेड और वर्मी कम्पोस्ट, जैविक खेती को बढ़ावा देना, आवर्ती चराई योजना, राजस्व आय बढ़ाना, सिंचाई योजनाओं की प्रगति, बोधघाट सिंचाई वृहद परियोजना की प्रगति, राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों एवं भारत माला, मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, राम वन गमन पथ, वनाधिकार पट्टेधारियों के खेतों में फलदार पौधे लगाना, लाख उत्पादन सहित योजनाओं के प्रमुख घटकों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त  अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री  सुब्रत साहू भी मौजूद थे।

    मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे गौठान जहां वर्मी वेड नहीं बने हैं वहां तत्काल बनाकर वर्मी कम्पोस्ट निर्माण का कार्य किया जाए। उन्होंने ऐसे मॉडल गौठान जहां अच्छी गुणवत्ता का वर्मी कम्पोस्ट बनाने का कार्य किया जा रहा है ऐसे कार्यों को सरपंचों और गौठान समितियों के सदस्यों को दिखाया जाए, जिससे वे भी प्रोत्साहित हो। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मनरेगा के अंतर्गत भूमिहीन ग्रामीण मजदूरों को अनिवार्य रूप से काम मुहैया हो। बैठक में लोक न्यास एव उनकी सम्पत्ति, पंजीयन और प्रमाणीकरण की भी समीक्षा की गई।

    बैठक में अमिताभ जैन ने बताया कि योजना के सर्वे कार्य की वे लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सर्वे कार्य समय-सीमा में कर लिया जाएगा। बैठक में छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास प्राधिकरण के कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा।

 उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत विभिन्न शासकीय भवनों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़कों को बनाया जा रहा है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 2 हजार 169 कार्य करीब 252 करोड़ रूपए के स्वीकृत किए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने भारतमाला योजना के अंतर्गत बनाई जाने वाली बिलासपुर से रीवा, रायपुर से विशाखापट्टनम और रायपुर-दुर्ग बायपास कारीडोर के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

 उन्होंने टोल रोड निर्माण कार्यों के बारे में भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों में पेयजल व्यवस्था, जल-जीवन मिशन और अन्य पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

    मुख्य सचिव ने राम वन गमन पथ मार्ग पर वृक्षारोपण कार्य के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगाए गए वृक्षों की समुचित सुरक्षा एवं देखभाल होना जरूरी है इसके लिए जरूरी फेंसिंग एवं ट्री गार्ड लगाए जाएं। मुख्य सचिव ने राम वन गमन पथ के कार्यों की समीक्षा करते हुए चन्दखुरी में माता कौशिल्या मंदिर, शिवरीनाराण और राजिम में हो रहे विकास कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह से नदियों के तट के किनारे पर वृक्षारोपण के संबंध में भी उन्होंने विस्तार से जानकारी ली। बैठक में विभिन्न वन मंडलों के अंतर्गत किए गए लघु वनोपज क्रय और लघु वनोपज प्रसंस्करण के केन्द्रीय और क्षेत्रीय कार्यों के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। इसी तरह से वन अधिकार पट्टेधारियों की भूमि पर फलदार पौधे लगाए जाएं। फलदार पौधों में आवला, चिरौंजी, महुआ, आम के पौधे जरूर लगाए जाएं। इसी तरह से एफआरए के हितग्राहियों को हल्दी, अदरक, तिखूर और शकरकंद के पेड़ों को लगाने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। इसमें बाड़ी योजना को समाहित करते हुए शीघ्र ही पायलट बेस पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश मुख्य सचिव ने वन विभाग के अधिकारियों को दिए।

    बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव  गौरव द्विवेदी, वन विभाग के प्रमुख सचिव  मनोज पिंगुआ, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, लोक निर्माण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव  रीता शांडिल्य, पर्यटन विभाग के सचिव  अन्बलगन पी. सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।