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कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल, कॉमरेड RP सोनी ने झंडा फहराया एवं शहीदों को श्रद्धांजलि दी

कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल, कॉमरेड RP सोनी ने झंडा फहराया एवं शहीदों को श्रद्धांजलि दी

भिलाई, 20 अक्टूबर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने 100 वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कॉमरेड आर पी सोनी ने झंडा फहराया एवं कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना से लेकर अभी तक के विभिन्न मुक्ति संघर्षों में शामिल होकर अपनी जान की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी, तत्पश्चात एक छोटी सी सभा का आयोजन किया गया। सभा के शुरुआत में जिला समिति सदस्य कॉमरेड  अशोक खातरकर ने कम्युनिस्ट पार्टी के गौरवशाली 100 साल विषय पर पर्चा प्रस्तुत किया, तत्पश्चात राज्य सचिव मंडल सदस्य कॉमरेड वकील भारती दुर्ग जिला समिति सचिव कामरेड शांत कुमार आदि ने अपनी बातों को रखा एवं शुभकामनाएं दी

कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल में जन संघर्ष बेमिसाल

माकपा नेता ने कहा कि कम्युनिस्टों का 100 साल का सफर जन संघर्षों से भरा हुआ है  कम्युनिस्ट पार्टी  आजादी के पहले अंग्रेजों से, आजादी के पश्चात कांग्रेस पार्टी के जन विरोधी नीतियों से एवं वर्तमान में केंद्र में सत्तासीन फासीवाद सरकार द्वारा किए जा रहे मजदूर विरोधी किसान विरोधी कार्य के खिलाफ अनवरत संघर्ष कर रही है, वहीं जब-जब देश के  जिन राज्यों में कम्युनिस्ट पार्टी सत्तासीन रही वहां पर मजदूरों किसानों एवं आम जनता को राहत देने वाले कार्यों को करके देश के सामने मिसाल प्रस्तुत की है बंगाल केरल त्रिपुरा में तीन फसली खेती सर्व सुविधा युक्त स्वास्थ्य सेवाएं सभी के लिए शिक्षा का प्रबंध करना लोगों की आय को बढ़ाने के लिए लगातार कार्य करना एवं जातिवाद एवं सांप्रदायिक दंगों से राज्य को मुक्त कराने की दिशा में लगातार काम करना आदि प्रमुख है।

भ्रष्टाचार में कभी भी नहीं फंसे कोई कम्युनिस्ट नेता

देश में अक्सर नेताओं के भ्रष्टाचार का मामला उजागर होता रहता है एवं इन भ्रष्टाचार के मामलों में पूंजी पतियों की नुमाइंदगी करने वाली विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों  के नेताओं के फंसने की बात सार्वजनिक होते रही है किंतु कम्युनिस्ट पार्टी के  स्थापना से लेकर आज तक भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में किसी भी कम्युनिस्ट नेता के फसने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। 

शोषण मुक्त समाज के लिए संघर्षरत है कम्युनिस्ट पार्टी

इस अवसर पर माकपा नेता ने कहा की शोषण विहीन समाज के निर्माण के दिशा में काम करता है अर्थात कम्युनिस्ट पार्टी ऐसे समाज के निर्माण के लिए संघर्षरत है जिसमें आदमी आदमी का शोषण ना करें यह व्यवस्था हमारे देश के अंदर जनता की जनवादी क्रांति के माध्यम से आएगी। 

आजादी के आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका

कम्युनिस्ट पार्टी आजादी के आंदोलन को ब्रिटिश हुकूमत खत्म करो हिंदुस्तान को आजाद बनाओ  के नारे के साथ क्रांतिकारी रूप देना चाहती थी यह नारा सिर्फ राजनीतिक आजादी तक सीमित नहीं था बल्कि देश की जनता को आर्थिक एवं सामाजिक समानता देकर पूर्ण स्वतंत्रता हासिल करना ही मुख्य उद्देश्य था कम्युनिस्ट पार्टी ने 1922 में कांग्रेस के अधिवेशन में पूर्ण राष्ट्रीय स्वाधीनता भारत के संघीय गणराज्य की स्थापना व्यापक मताधिकार द्वारा राष्ट्रीय विधानसभा का चुनाव का प्रस्ताव रखा इसके साथ ही उद्योगों में श्रम कानून सार्वजनिक सेवाओं खदानों रेलवे और जल मार्गों का राष्ट्रीयकरण जमीदारी प्रथा खत्म करते हुए जोतने वालों को जमीन देने उद्योगों में 8 घंटे का काम एवं 5 दिन का कार्य सप्ताह मजदूरों के लिए हड़ताल का अधिकार जैसे कई प्रस्ताव पेश किए जिसे अंततः कांग्रेस को 1927 के मद्रास अधिवेशन में मानना पड़ा। जानकारी एम एस शांत कुमार जिला सचिव माकपा ने दी है।