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जगदलपुर विमानतल की विज़िबिलिटी 5000 मीटर तक एवं लैंडिंग सिस्टम की क्षमता बढ़ाने के लिए पूर्व विधायक ने मंत्री को लिखा पत्र

 जगदलपुर विमानतल की विज़िबिलिटी 5000 मीटर तक एवं लैंडिंग सिस्टम की क्षमता बढ़ाने के लिए पूर्व विधायक ने मंत्री को लिखा पत्र

जगदलपुर।  विमानतल  मामलों पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री माननीय  हरदीप सिंह पुरी  को पूर्व विधायक ने पत्र लिखा है।  जगदलपुर विमानतल की विज़िबिलिटी 5000 मीटर तक एवं लैंडिंग सिस्टम की क्षमता बढ़ाने के लिए उच्च तकनीकि एवं बेहतर खूबियों वाले सिस्टम को इंस्टाॅल करने की आवश्यकता है। क्योंकि अभी वर्तमान में जो उपकरण लगे हुए हैं वो काफी पुराने है जिस कारण खराब मौसम व कोहरे की वजह से विमानतल की विज़िबिलिटी काफी कम हो जाती है। अभी एलायंस एयर का इकलौता विमान जगदलपुर से रायपुर व हैदराबाद तक अपनी सेवाएं दे रहा है उसे कई बार डायवर्ट तक करने की नौबत आ जाती है या फिर ऐसी स्थिति में विमान को सही समय पर ग्राउंड क्लियरेंस नहीं मिलने के कारण विमान हवा में चक्कर काटते रहता है।

 विमान सेवा का जब पुनः शुभारंभ किया जा रहा था तो उस दिन भी खराब मौसम के चलते यही स्थिति निर्मित हुई थी। यदि विमानतल के पुराने उपकरणों की जगह अपग्रेडेड सिस्टम डाॅप्लर वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज (DVOR) और डिस्टेंस मेजरिंग इक्विपमेंट (DME) को बदल दिये जायें तो इससे एयरपोर्ट पर सभी परिस्थितियों में फ्लाइट का संचालन सहज तरीके से संभव हो सकेगा।

वर्तमान में अभी 72 सीटर विमान संचालित है। बस्तर संभाग के कांकेर, कोण्डागाॅव, नारायणपुर, बस्तर (जगदलपुर), दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जिले के अलावा उड़ीसा राज्य के सीमावर्ती जिले मल्कानगिरि, कोरापुट, नबरंगपुर, भवानीपटना, रायगढ़, नौपाड़ा की जनता भी यातायात सुविधाओं के लिए जगदलपुर पर ही निर्भर हैं वहाॅ की जनता भी जगदलपुर से रायपुर व हैदराबाद तक हवाई यात्रा सुविधा का लाभ ले रहें हैं। इसके अलावा बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के समीप नगरनार में एनएमडीसी का तीन मिलियन टन क्षमता का इस्पात संयंत्र लगभग पूर्णता की ओर अग्रसर है।