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महिला आयोग का विवाद और भड़का, सचिव ने दी मानहानि का मुकदमा करने की धमकी, महिला सदस्य बोलीं, देख लेंगे

महिला आयोग का विवाद और भड़का, सचिव ने दी मानहानि का मुकदमा करने की धमकी, महिला सदस्य बोलीं, देख लेंगे


रायपुर.  छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सचिव अभय देवांगन के ऊपर आयोग की महिला सदस्य पदमा चंद्राकर के द्वारा बीते दिनों लगाए गए आरोप के बाद आज आयोग के सचिव अभय देवांगन ने कहा कि जो भी आरोप आयोग के सदस्य पदमा चंद्राकार ने लगाया है, वह बेबुनियाद है. उन्होंने बिना सोचे समझे मिथ्या आरोप लगाया है। 

सचिव अभय देवांगन ने कहा कि मै हर रोज अपने दफ्तर आता हूँ और जुलाई महिने में मैंने 195 प्रकरण निबटाए हैं. आयोग में शिकायत 77 दर्ज हुई थी उनमे 51 शिकायतों का निराकरण किया गया है। अगस्त महीने में 48 शिकायत दर्ज किया गया है,जिनमे 91  शिकायतों का निराकरण किया गया है। सचिब अभय देवांगन के कहा कि अगर मै राज्य महिला आयोग नहीं आ रहा होता तो यह सब प्रकरण कैसे हल किया गया है.


उन्होंने कहा कि महिला सदस्य पद्मा चंद्राकर के खिलाफ ने मेरे ऊपर जो आरोप लगाए हैं, वह सब झूठ और बेबुनियाद हैं. बिना हाथ - पैर  के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि वे इस बारे में अपने वकील से बात कर रहे हैं। उसके बाद पदमा चंद्राकर के खिलाफ मानहानि का केश दर्ज करुंगा। 

जब इस बारे में आयोग के सदस्य पदमा चंद्राकर से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह अपनी बात में कायम हैं और जो भी आरोप उन्होंने सचिव अभय देवांगन के ऊपर लगाए हैं, वह सब सच हैं। यदि वे मानहानि की बात कर रहे तो करें। पदमा  चंद्राकर ने कहा है कि जो प्रकरण रायपुर जिले का आयोग में जब आये थे, तब मै रायपुर में थी. उन्होंने कहा कि हालाँकि उनका ये प्रभार जिला नहीं है लेकिन जो पीड़ित पक्ष है, वह उनके घर तक चली आयी थी और सुनावाई करने के लिए अनुरोध कर रही थी। पदमा चंद्राकर ने कहा कि मैंने महिला बाल विकास विभाग के मंत्री अनिला भेड़िया जो आयोग के पदेन अध्यक्ष हैं, फ़ोन बात कर सुनवाई के लिए अनुमति मांगी गयी उसके बाद मंत्री के सचिव गर्ग ने भी आयोग के सचिव अभय देवांगन से बात कर सुनवाई करने के लिए कहा। पदमा चंद्राकर ने कहा कि  आयोग के सचिव प्रभार जिला नहीं होने का हवाला देते हुए उन्हें सुनवाई का मौका तक नहीं दिया गया।