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IG GP Singh ने हटने से पहले ईओडब्ल्यू से 11 को हटाया

IG GP Singh ने हटने से पहले ईओडब्ल्यू से 11 को हटाया


डीजीपी ने कहा जानकारी नहीं, सस्पेंस बने तबादले को जांच के घेरे में लिया गया

रायपुर। पुलिस महकमे में कल वैसे तो विभागीय तौर पर बड़े अफसरों को यहां से वहां भेजा गया,लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा वाला नाम रहा राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से हटाए गए एडीजी जी.पी. सिंह का, इसलिए कि कई बड़े मामलों की तहकीकात वे कर रहे थे। लेकिन इससे बड़ी बात चर्चा में यह भी है कि क्या उन्हे हटाये जाने की जानकारी मिल गई थी, तभी तो उन्होने हटने के दो दिन पहले एक आदेश जारी कर 11 एसीबी के कर्मचारियों को पुलिस मुख्यालय वापस भेज दिया। खबर ये भी है कि एक और आदेश के तहत 3 अधिकारियों को जिले में और 1 सब इंसपेक्टर को अंबिकापुर वापस भेजा गया है। इधर डीजीपी डीएम अवस्थी ने इस बारे में कहा है कि तबादला आदेश के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

भीतरखाने की खबर यह है कि खुद सीएम ईओडब्लू के कामकाज से संतुष्ट नहीं थे, कई सारी शिकायतें उन तक पहुंच रही थी। तभी तो रायपुर एसएसपी आरिफ शेख को ईओडब्लू और एंटी करप्शन ब्यूरो का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। और सरकार के निर्देश पर सोमवार को ही उन्होने कार्यभार संभाल लिया। ईओडब्लू और एसीबी से हुए तबादलों को भी जांच के घेरे में ले लिया है। तबादला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ईओडब्लू और एसीबी प्रतिनियुक्ति की पोस्टिंग है। यहां से तबादले का आदेश गृह विभाग से ही जारी किया जा सकता है। डीजीपी डीएम अवस्थी ने इस बारे में कहा कि तबादला आदेश के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

इन कर्मचारियों को भेजा गया पुलिस मुख्यालय

पीके नामदेव स्टेनोग्राफर, दिलीप चंद्राकर सउनि, रणविजय मंडावी सउनि, रंजीत प्रताप सिंह प्रधान आरक्षक, महावीर राणा प्रधान आरक्षक, हुलेश्वर जोशी प्रधान आरक्षक, लालदेव साय आरक्षक, कुलेश्वर साहू आरक्षक, सत्यम जोशी आरक्षक, दिवाकर मिश्रा आरक्षक तथा संदीप तिवारी आरक्षक शामिल है।