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राहौद ने 24 घंटे में बनाया 10 नार्मल डिलवरी का रिकार्ड, लॉकडाउन के दौरान हेल्‍थ एवं वेलनेस सेंटर

राहौद ने 24 घंटे में बनाया 10 नार्मल डिलवरी का रिकार्ड, लॉकडाउन के दौरान हेल्‍थ एवं वेलनेस सेंटर

जांजगीर-चांपा. आयुष्‍मान भारत योजना के तहत हेल्‍थ एवं वेलनेस सेंटर के रुप में विकसित प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र राहौद, क्षेत्र के लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं पहुंचाने में नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहा है।

यहां के मेडिकल स्‍टॉफ की टीम की आपसी तालमेल की वजह से अस्‍पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए 24 घंटे प्रसव की सुविधाएं प्रदान करती है। लॉकडाउन के दौरान 12 मई को 24 घंटे में 10 नार्मल डिलवरी के साथ स्‍वस्‍थ्‍य जच्‍चा बच्‍चा की सुरक्षा प्रदान करने का रिकार्ड प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र ने बनाया है। स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के बेहतर चिकित्‍सकीय सेवा के लिए जिला स्तर पर वर्ष 2015 में और राज्य स्‍तर पर वर्ष 2016 में कार्याकल्‍प सम्‍मान से पुरस्‍कृत भी किया जा चुका है।

बीएमओ पामगढ डॉ सौरभ यादव ने बताया सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के अंतर्गत आने वाला यह प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र कुल 15 स्‍टॉफ और सीमित संसाधनों के बावजूद मात्र 5 सालों से गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव कराने के लिए क्षेत्र में पहचान बना ली है। यहां महीने में औसत 50 से अधिक नार्मल डिलवरी होने के साथ ही जनवरी से दिसंबर तक वर्ष 2019 में कुल 608 संस्‍थागत प्रसव कराया गया है। लॉकडाउन के दौरान भी यहां के मेडिकल स्‍टॉफ ने एक जनवरी 2020 से 31 मई 2020 तक 227 गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया है जबकि पामगढ सीएचसी में महिने में औसत 70 डिलवरी और अन्‍य प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में औसतन 15 से 20 नार्मल डिलवरी कराने का रिकार्ड है।

प्रभारी चिकित्‍सक आरएमओ श्री दिनकर ने बताया, अस्‍पताल में दो एएमओ, 3 स्‍टॉफ नर्स, एक एएनएम, एक फार्मासिस्‍ट, एक लैब असिस्‍टैंट, कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर, योग प्रशिक्षक, वार्ड व्‍याय, आया बाई, सफाई कर्मी,चौकीदार सहित अन्‍य अस्‍पताल के स्‍टॉफ यहां आने वाले मरीजों की सेवा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। श्री दिनकर ने बताया, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी एम्‍बुलेंस, आरओ वॉटर दान में प्राप्‍त हुआ है। राहौद नगर पंचायत के अध्‍यक्ष द्वारा एक्‍सरे मशीन दान स्‍वरुप अस्‍पताल में आने वाले मरीजों के लिए दिया गया है जिसका लाभ क्षेत्र के मरीजों को मिलेगा। इससे निजी अस्‍पतालों में लगने वाले खर्च से बचत होगी। वहीं शासन द्वारा अस्‍पताल परिसर में स्‍टॉफ क्‍वाटर का निर्माण कार्य भी शासन द्वारा स्‍वीकृत हो गया है।