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कोरोना के खौफ से तीन महीने एयरपोर्ट पर छिपा रहा आप्रवासी भारतीय

कोरोना के खौफ से तीन महीने एयरपोर्ट पर छिपा रहा आप्रवासी भारतीय

कैलिफोर्निया के रहने वाले आदित्य सिंह पर गंभीर अपराध के तहत एयरपोर्ट के प्रतिबंधित क्षेत्र में गलत तरीके से दाखिल होने का आरोप लगाया गया है. सिंह पिछले तीन महीने से शिकागो के ओ'हारे हवाई अड्डे पर रह रहा था. 36 वर्षीय सिंह ने पुलिस को बताया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण वह यात्रा करने से डर गया था. उस पर एयरपोर्ट के कर्मचारी का बैज चुराने का भी आरोप लगाया गया है. जज ने कहा है कि अगर वे जमानत के लिए एक हजार डॉलर देता है तो उसे छोड़ दिया जाएगा लेकिन उसे दोबारा एयरपोर्ट में दाखिल होने से रोक दिया है.

कुक काउंटी की जज सुजाना ओर्टिज ने चिंता जताते हुए कहा कि कोई सुरक्षित क्षेत्र में बिना किसी के पता चले इतने लंबे समय कैसे रह सकता है. जज ने कहा, "कोर्ट ने इन तथ्यों और परिस्थितियों को कथित अवधि के लिए काफी चौंकाने वाला पाया है." जज ने कहा, "हवाई अड्डे के एक सुरक्षित हिस्से में फर्जी बैज के साथ रहना खतरनाक है और लोगों की सुरक्षित हवाई यात्रा के लिए हवाई अड्डों का पूरी तरह से सुरक्षित होना जरूरी है. मुझे लगता है कि उन कथित आरोप से वह शख्स पूरे समुदाय के लिए खतरा है."

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील कैथलीन हगर्टी ने कहा यूनाइटेड एयरलाइंस के दो कर्मचारियों ने सिंह को देखा और उन्हें शक हुआ. जब कर्मचारियों ने सिंह से पहचान पत्र दिखाने को कहा तो उसने ऑपरेशन मैनेजर का पहचान पत्र दिखाया, हालांकि मैनेजर ने अक्टूबर महीने में ही बैज के गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी. कर्मचारियों ने इसके बाद पुलिस को सूचना दी जिसके बाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया.

हगर्टी ने कहा कि सिंह ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि वह "कोविड-19 के कारण घर जाने को लेकर डर गया था." सिंह ने बताया कि उसे बैज एयरपोर्ट पर मिला और अन्य यात्रियों द्वारा दिए गए भोजन के सहारे वह अपना पेट भर रहा था.

बचाव पक्ष के वकील कर्टनी स्मॉलवुड ने कहा कि यह साफ नहीं है कि लॉस एंजेलिस का रहने वाला सिंह शिकागो क्यों आया. स्मॉलवुड के मुताबिक सिंह बेरोजगार है और इस इलाके से उसका संबंध क्या है यह अस्पष्ट है. सिंह को कोर्ट से जमानत मिल गई. उसका कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है.