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जिले में धान खरीदी की गति धीमी, किसान परेशान

जिले में धान खरीदी की गति धीमी, किसान परेशान


रायगढ़। धान की बंपर खरीदी के लिए सुर्खियों में रहने वाले रायगढ़ जिले में इस बार धान खरीदी की गति बेहद धीमी है। जानकर हैरत होगी कि जिले में अभी भी सिर्फ  40 फीसदी धान खरीदी ही हो पाई है। बीते साल इस सीजन तक जिले में 69 फीसदी धान खरीदी हो चुकी थी जबकि धान का उठाव 75 फीसदी था।
माना जा रहा है धान खरीदी को लेकर राज्य शासन की कड़ाई और नियमों की वजह से खरीदी की गति धीमी है। हालांकि अधिकारी फिर भी सभी किसानों का धान खरीदने का दावा कर रहे हैं। जिले में हर साल धान की बंपर खरीदी होती है। गत वर्ष जिले में 46 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई थी जबकि 76 हजार किसानों ने धान बेचा था। इस बार शासन की बोनस नीति की वजह से किसानों ने जमकर पंजीयन कराया और पंजीकृत किसानों की संख्या 95 हजार तक जा पहुंची। इसी तरह 1 लाख 49 हजार हैक्टेयर धान का कुल रकबा दर्ज किया गया था, लेकिन खरीदी शुरु हुए डेढ़ महीने होने के बाद भी जिले में धान खरीदी की गति बेहद धीमी है।
जिले में अब तक सिर्फ 56 हजार 574 किसानों से 78 हजार 202 हेक्टेयर कृषि भूमि का ही धान खरीदा जा सका है, यानि की तकरीबन 40 हजार किसान और 50 फीसदी खेतों का धान अब तक मंडियों तक नहीं पहुंचा है। पिछले साल की तुलना में ये आंकड़ा 30 फीसदी कम है। इतना ही नहीं अगर उठाव की बात करें तो संग्रहण केंद्रों से अभी भी तकरीबन 50 हजार मेट्रिक टन धान का उठाव मिलरों ने नहीं किया है ऐसे में ये धान संग्रहण केंद्रों में जाम है। जानकारों का कहना है कि शासन की धान खरीदी को लेकर कड़ी नीति और बड़े किसानों की धान खरीदी देर से करने की वजह से धान खरीदी प्रभावित हुई है। चूंकि शासन 15 फरवरी तक धान खरीदी क्लोज करने की तैयारी में है। यही वजह है कि इस बार जिले में सभी किसानों का धान खरीदा जा सकेगा इसे लेकर संशय की स्थिति है।
क्या कहते हैं अधिकारी
खरीदी केंद्रों में पहले छोटे किसानों का धान खरीदा गया है इस वजह से खरीदी के आंकड़े कम हंै। बड़े और मंझोले किसानों की खरीदी अब शुरु हुई है, लिहाजा निर्धारित समय तक जिले के सभी किसानों का धान खरीद लिया जाएगा।
चितरंजन सिंह
सहायक खाद्य अधिकारी