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हिंदी कहानी पर केंद्रित विमर्श कथा-समाख्या का पांचवा आयोजन कल से

हिंदी कहानी पर केंद्रित विमर्श कथा-समाख्या का पांचवा आयोजन कल से

चयनित छह कहानियों पर चर्चा होगी

रायपुर, 10 अक्टूबर। देश की प्रतिष्ठित पत्रिका कथादेश, कथा-विमर्श और छत्तीसगढ़ फिल्म एण्ड विजुअल आर्ट सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय कथा समाख्या का पाँचवा आयोजन राजस्थान में करने जा रही है। आगामी 11, 12 और 13 अक्टूबर, 2019 को सवाई माधोपुर राजस्थान में आयोजन होने जा रहा है. कार्यक्रम का केंद्रीय विषय है- कहानी में नवोन्मेष. इस विमर्श के लिए देश के छह युवा कहानीकारों की कहानी का चयन किया गया है. इन युवा कहानीकारों की उपस्थिति में उनकी कहानी को केन्द्र में रखकर चर्चा की जायेगी.

छत्तीसगढ़ फिल्म एण्ड विजुअल आर्ट सोसाइटी के अध्यक्ष सुभाष मिश्रा ने बताया कि चयनित छह कहानीकारों की जिन कहानियों का चयन किया गया है, उनमें बोझ (अभिषेक कुमार पाण्डेय, गोपालगंज, बिहार), यूं तो प्रेमी पिचहत्तर हमारे (दिव्या विजय, जयपुर, राजस्थान), आधे का पूरा हो जाना (अक्षत पाठक, बैतूल, मध्यप्रदेश), महादान (सिनीवाली शर्मा, भागलपुर, बिहार), आखिरी अटेम्प्ट (घनश्याम कुमार देवांश, नई दिल्ली), न तुझे पता न मुझे पता (जगदीश सौरभ, बिलासपुर, छत्तीसगढ़) शामिल हैं.

कार्यक्रम इस प्रकार से हैं- 11 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से अक्षत पाठक की कहानी आधे का पूरा हो जाना पर परिसंवाद, आलेख आनंद हर्षुल व जगदीश सौरभ की कहानी न तुझे पता न मुझे पता पर परिसंवाद होगा, आलेख रामकुमार सिंह। दोनों कहानियों पर समापन वक्तव्य जितेन्द्र भाटिया व संचालन जयप्रकाश करेंगे। 

इसी प्रकार 12 अक्टूबर को मध्यान्ह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक सिनीवाली की कहानी महादान पर परिसंवाद, आलेख हिमांशु पंडया व दिव्या विजय की कहानी यूं तो प्रेमी पिचहत्तर हमारे पर परिसंवाद, आलेख योगेन्द्र आहूजा। इस सत्र में समापन वक्तव्य ऋषीकेश सुलभ व संचालन रामकुमार सिंह करेंगे। 

अंतिम सत्र 13 अक्टूबर को मध्यान्ह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक घनश्याम देवांश की कहानी आखिरी अटेम्प्ट पर परिसंवाद, आलेख सत्यनारायण व अभिषेक कुमार पाण्डेय की कहानी बोझ पर परिसंवाद, आलेख जयप्रकाश। इस समापन सत्र में दोनों कहानियों पर समापन वक्तव्य रवि भूषण व संचालन हिमांशु पंड्या करेंगे।  समापन एवं धन्यवाद ज्ञापन सुभाष मिश्र द्वारा दिया जाएगा।

श्री सुभाष मिश्रा ने बताया कि हिंदी कहानी की युवतर पीढ़ी की रचनात्मकता को रेखांकित करने के उद्देश्य से आयोजित कथा समाख्या के इस कार्यक्रम में देश के सामाजिक-आर्थिक हालात में वर्तमान समय की वास्तविकता और उसके चलते जीवनानुभव के स्तर पर घटित हो रहे बदलाव को हिंदी-कहानी, खासतौर पर युवतर लेखकों द्वारा रची जा रही कहानी, किस तरह रेखांकित कर पा रही है और वैश्वीकरण की शक्तियों ने हमारे समाज के जीवन-यथार्थ को नए तरीक़े से गढ़ने में किस तरह निर्णायक भूमिका निभाई है, या नई पीढ़ी कहानी-विधा के प्रचलित स्वरूप और उसकी विषयवस्तु में किस तरह से नवाचार कर पा रही है, अथवा इससे हिंदी-कहानी में क्या सचमुच किसी नये उठान के साक्ष्य प्रकट हुए हैं, इन तमाम सवालों पर युवा कथाकारों की चयनित-कहानियों के साक्ष्य से विचार किया जाएगा।

राजस्थान के सवाई माधोपुर के इस आयोजन के पूर्व कथा समाख्या का आयोजन सिरपुर, रायपुर (छत्तीसगढ़), पुणे- महाबलेश्वर (महाराष्ट्र) बड़ौदा (गुजरात) और मैनपाट (छत्तीसगढ़) में सम्पन्न हो चुका है.