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तीन मुठभेड़ों में दो इनामी सहित 6 नक्सली ढेर

  तीन मुठभेड़ों में दो इनामी सहित 6 नक्सली ढेर

दंतेवाड़ा/सुकमा /बीजापुर, 15 सितंबर। सुकमा में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए. ताड़मेटला के पास जिला रिजर्व गार्ड और नक्सलियों के बीच ये मुठभेड़ हुई। मौके से सुरक्षाबलों ने हथियार भी बरामद किए हैं। यहां नक्सलियों ने सड़क खोद दी थी, जिसे साफ कराने सुरक्षा बलों की टीम गई थी और तभी मुठभेड़ हुई।

शुक्रवार और शनिवार के दौरान पिछले 24 घंटे में तीन अलग-अलग मुठभेड़ों में छह नक्सली मारे गए। ये मुठभेड़ सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों में हुई। 

सुकमा के ताड़मेटला-मुकराम नाला के जंगलों में शनिवार शाम को मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए। इससे पहले बीजापुर के अवापल्ली में एक नक्सली मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं दंतेवाड़ा जिले के जंगल में शुक्रवार देर रात मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए। इन दोनों नक्सलियों की पहचान लच्छू मंडावी और पोदिया के रूप में की गई। दोनों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था। नक्सलियों के पास से इंसास राइफल के साथ ही गोला-बारूद और अन्य हथियार बरामद किए गए। दंतेवाड़ा विस उपचुनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों ने इलाके में अभियान छेड़ा है।

दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि किरंदुल क्षेत्र में कुटेरम के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद थाने से डीआरजी की टीम को सर्चिंग के लिए रवाना किया गया। जंगलों में जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई।

दूसरी ओर, किरंदुल क्षेत्र में ही एस्सार के पास नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर एक ग्रामीण की हत्या कर दी। ग्रामीण पर पुलिस का मुखबिर होने का संदेह था। शव के पास ही एक पर्चा भी मिला है। जिस पर ग्राम पुलूम पंचायत मिडयामपारा मिड्यम मंजाल लिखा है। साथ ही मुखबिरी करने वाले को मौत की सजा देने की बात कही गई है। 

  23 सितंबर को दंतेवाड़ा में उपचुनाव का मतदान है। जिसे देखते हुए नक्सलियों की सरगर्मी फिर बढ़ गई है। पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीण और जंगलों पर खास नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगस्त में नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद अमित शाह ने कहा था कि मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक अच्छी रही। बैठक में राज्यों की सुरक्षा और विकास से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की। 

अमित शाह ने पहली बार नक्सल समस्या को लेकर बैठक की थी। बैठक में ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड के मुख्यमंत्री शामिल हुए थे। गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक के दौरान कहा था कि वामपंथी उग्रवाद लोकतंत्र के विचार के खिलाफ है और सरकार इसे उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्रियों से उग्रवाद के मामले पर चर्चा की थी। इस बैठक में राज्य के सुरक्षा व्यवस्था पर भी मंथन किया गया। अमित शाह ने कहा था कि बीते 5 साल में वामपंथी उग्रवाद में कमी आई है। 2016 से ही नक्सली घटनाएं कम हुई हैं।