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पांच कलेक्टर और पूर्व डीजीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, करोड़ों के भ्रष्टाचार का मामला

पांच कलेक्टर और पूर्व डीजीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, करोड़ों के भ्रष्टाचार का मामला

भोपाल. मध्य प्रदेश में पांच कलेक्टर और पूर्व डीजीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. उज्जैन के यश एयरवेज मामले में लोकायुक्त के पूर्व डीजीपी अरुण गुर्टू सहित उज्जैन पूर्व कलेक्टर बी एम शर्मा सहित 5 कलेक्टरों के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

आरोप है कि साल 2006 में नियमों को ताक पर रख तत्कालीन मुख्य सचिव राकेश साहनी की मदद से कैप्टन भरत टोंग्या एवं यशराज टोंग्या ने उज्जैन हवाई पट्टी हथिया ली थी। इस पूरे घटनक्रम के बाद में पूर्व लोकायुक्त डीजीपी अरुण गुर्टू को चैयरमेन बना उनके प्रभाव का उपयोग कर उज्जैन कलेक्टर बी एम शर्मा एवं पी डब्लू डी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पटेल एवं भोपाल में बैठे एविएशन के प्रमुख सचिव एवं पी डब्लू डी के प्रमुख सचिव से सांठगांठ कर 4 करोड़ रुपये हवाई पट्टी पर रख रखाव के नाम पर खर्च किए गए थे।

हालांकि इसकी जिम्मेदारी यश एयरवेज की थी। यश एयरवेज की लीज की शर्तों में एटीसी का निर्माण, बाउंड्री वॉल का निर्माण, हर वर्ष लीज रेंट तथा विमानों को रोज रात रुकने का किराया वसूलना, उज्जैन कलेक्टर की जवाबदारी थी, जो कि किसी ने भी पूरी नही की थी। लोकायुक्त संगठन द्वारा लंबी जांच के बाद 2006 से 2019 के मध्य सभी कलेक्टर इनके साथ ही लोकायुक्त के पूर्व डीजीपीअरुण गुर्टू, यश एअरवेज के सभी पदाधिकारियों, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं पद के दुरुपयोग मामले में एफ आई आर दर्ज कर ली है।