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वोटर आईडी सत्यापन की समयावधि दो महीने बढ़ सकती है! चुनाव आयोग ने वोटर आईडी वेरिफिकेशन के लिए शुरू की आनलाइन सेवा

वोटर आईडी सत्यापन की समयावधि दो महीने बढ़ सकती है! चुनाव आयोग ने वोटर आईडी वेरिफिकेशन के लिए शुरू की आनलाइन सेवा

रायपुर. राशन कार्ड के वैरिफिकेशन के बाद चुनाव आयोग वोटर आईडी वेरिफिकेशन के लिए पुरे देश भर में विशेष अभियान चला रहा है. इसके तहत अब मतदाताओं के वोटर आईडी का ऑनलाइन सत्यापन किया जा रहा है. इसमें मतदाता सूचि को जन भागीदारी के जरिये उपडेट किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ की बात करें तो करीब 2 करोड़ मतदाताओं की संख्या है, जिसमें करीब 11 लाख मतदाताओं ने ऑनलाइन (https://www.nvsp.in/) और एप्स के द्वारा अपना मतदाता का सत्यापन करा चुके हैं.

चुनाव आयोग ने पहली बार आनलाईन वोटर आईडी का वैरिफिकेशन किया और पंचायत चुनाव से पहले इस तरह की पहल किये हैं जिसमें मतदाताओं को अपने वोटर आईडी कार्ड का भी वैरिफिकेशन कराना होगा इसके लिए निर्वाचन आयोग ने 1 सितंबर से 15 अक्टूबर तक आनलाईन और एप्स के जरिये मतदाता स्वयं अपने वोटर आईडी का सत्यापन कर सकते हैं.

छतीसगढ़ निर्वाचन आयोग के डिप्टी सीइओ यू.एस. अग्रवाल ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत हर परिवार से एक वोटर को यूजर नेम और पासवर्ड मिलेगा, जिससे वह वोटर रजिस्ट्रेशन से जुड़े सारे दस्तावेज अपलोड करेगा और अपने व अपने परिवार के बारे में पूरा ब्यौरा एप्स और आनलाईन में भरेंगे. जिसके बाद इन ब्यौरा की जांच बीएलओ से कराया जायेगा जिसमें काफी समय बचेगा. उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद वोटर लिस्ट का आंकलन करना, सेल्फ वेरिफिकेशन और अगर कोई गलती रह गई तो उसे दुरुस्त करने के लिए सशक्त बनाना है. साथ ही अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे इस बात की जांच कर सकता है कि उसके परिवार के कितने सदस्यों के नाम सूची में दर्ज हैं. उनके नाम की इंट्री सही तरह से हुई है या नहीं. इस नए अभियान के तहत सूची में दर्ज सभी मतदाताओं की व्यक्तिगत जानकारियों को डिजिटल कर दिया गया है.

सीइओ यू.एस. अग्रवाल ने बताया कि 15 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है लेकिन इस ऑनलाइन की तिथि को दो महीने और बढ़ा सकते हैं. यह ऑनलाइन सिस्टम पुरे देश में एक साथ चलाया जा रहा है जिसमे एक साथ बहुत सारे यूजर के उपयोग करने से कई बार सर्वर डाउन हो जाता है. इस कारण पुरे मतदाता की सूची अपलोड नही हुयी है इसलिए दो महीने और आनलाइन सिस्टम को और बढ़ाया जा सकता है.

आपको करना होगा यह काम-
वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के लिए आपको पहले nvsp.in  पर मोबाइल नंबर, मतदाता कार्ड नंबर और ईमेल के साथ रेजिस्टर करना होगा. आप गूगल प्ले स्टोर से वोटर हेल्पलाइन ऐप डाउनलोड करके भी कर सकते हैं. हर वोटर के सत्यापन में एक आईडी अपलोड करनी है.

फिर बीएलओ करेगा जांच
जब वोटर अपनी सूचनाएं वेरिफाई कर देगा, उसके बाद BLO भी स्मार्टफोन के साथ उसे वेरिफाई करने घर-घर जाएंगे. वोटर को अपनी आईडी और बाकी डॉक्यूमेंट दिखाने होंगे.

आप घर बैठे कर पाएंगे वैरिफिकेशन
चुनाव आयोग का कहना है कि हर घर तक बीएलओ वैरिफिकेशन और नए नाम जोड़ने के लिए पहुंचेंगे. इसके अलावा आयोग की वेबसाईट में ऑनलाइन वैरिफिकेशन का भी आवेदन कर सकते हैं. इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर-1950 पर कॉल कर ले सकते हैं. वैरिफिकेशन के लिए पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, राशनकार्ड, सरकारी या अर्धसरकारी पहचान पत्र, बैंक पासबुक, किसान पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा.