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दिग्विजय को कांग्रेस में शामिल करने की मांग

दिग्विजय को कांग्रेस में शामिल करने की मांग

धमतरी, 13 सितंबर। आगामी महीनों में नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव का बिगुल बजने वाला है। विभिन्न पार्टियों के नेताओं द्वारा फिर से एक बार अपने जनाधार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया गया है। लेकिन विधानसभा चुनाव में मात्र 427 वोट से कांग्रेस प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा जिसकी वजह कांग्रेस से अलग हुए नेताओं को कारण बताया जा रहा है। ऐसे लोगों को अब साधने की तैयारियां की जा रही है। खबर है कि कांग्रेस छोड़ जोगी कांग्रेस से प्रत्याशी बने युवा तुर्क दिग्विजय सिंह कृदत्त को पार्टी में फिर से लाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो कांग्रेस पार्टी पंचायत चुनाव में भारी सफलता हासिल कर सकती है। 

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 427 वोट की हार के चार माह बाद लोकसभा चुनाव में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी धनेंद्र साहू को हजारों वोटों से धमतरी विस क्षेत्र में हार का मुंह देखना पड़ा था जबकि इस अवधि में जिन्होंने कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ा, वे लोग भी जी-जान लगाकर श्री साहू को जिताने लामबद्ध हुए थे परंतु ऐसा क्या कारण रहा कि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के धमतरी विस में ऐसी स्थिति बनी। श्री साहू को जिताने के लिये स्वयं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल द्वारा उन्हें जिताने के लिये कांग्रेस छोड़कर गये लोगों से भी उन्हें जिताने की अपील की गई। श्री बघेल के द्वारा कांग्रेस विरोधी लोगों से जो अपील की गई थी वह भी लोकसभा चुनाव में व्यर्थ साबित हुई।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा पिछले माह कुछ बागी नेताओं को पुन: कांग्रेस में शामिल कर लिया गया। इसके बाद भी जनाधार वाले नेताओं की अभी कांग्रेस वापसी नहीं हो पाई है जिनमें दिग्विजय सिंह कृदत्त प्रमुख हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इनका जनाधार काफी तगड़ा है। चूंकि आगामी महीनों में नगरीय एवं पंचायत चुनाव होने हैं, इसे लेकर कांग्रेस संगठन भी पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जिन नेताओं की पकड़ है, उसे बिना कांग्रेस में लाये कुछ क्षेत्रों में कांग्रेस को मिलती नहीं दिख रही है। इसी वजह से ऐसे रूठे हुए नेताओं को मनाने की तैयारियां चल रही है ताकि संगठन पूर्व की तरह सशक्त और सक्रिय हो। जहां तक दिग्विजय सिंह कृदत्त का सवाल है, उन्हें जब जोगी कांग्रेस में प्रत्याशी बनाया गया था, तब विस क्षेत्रों में इनके लगातार जनसंपर्क से विपक्षियों की नींद हराम हो चुकी थी। यदि कांग्रेस पार्टी को पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में सफलता हासिल करनी है तो दिग्विजय सिंह सहित अनेक रूठे हुए नेताओं को पार्टी में लाने का प्रयास किया जाना चाहिये, जैसा कि नहीं किया जा रहा है। अनेक ऐसे कांग्रेस कार्यकर्ता हैं जिन्होंने मांग की है कि संगठन द्वारा जिस तरह पार्टी विरोधी कार्य करने वाले लोग नगरीय निकाय चुनाव को लेकर पिछले दिनों कांग्रेस भवन में जमा हुए थे, जब उन्हें पार्टी बैठकों में बुलाया जाता है तो दिग्विजय सिंह कृदत्त को पार्टी में स्थान दिलाने की कोशिश क्यों नहीं की जाती, यह चर्चा का विषय है।