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औवेसी वही काम कर रहै है जो देश के बंटवारे के समय जिन्ना ने किया

औवेसी वही काम कर रहै है जो देश के बंटवारे के समय जिन्ना ने किया

नईदिल्ली।  पांच विधायको वाली पार्टी को हिन्दुस्तान बोलने मे गुरेज है और इनकी पार्टी सपने देखती है केन्द्र मे सरकार बनाने के क्या फितरत होगी इस छोटे जिन्ना की आज हिन्दुस्तान बोलने से परहेज कर रहै है आगे भारत बोलने से परहेज करेगे

बता दें कि ये मांग अख्तरुल ईमान ने उठाई थी जो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष हैं और हाल ही में बिहार चुनाव में पूर्णिया जिले के अमौर निर्वाचन क्षेत्र से जीते हैं। उनकी मांग पर प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने कहा कि जो लोग उर्दू में शपथ लेते हैं, वे ‘हिंदुस्तान’ कहते हैं। हालांकि, उन्होंने बाद में ईमान को ‘भारत’ शब्द का उपयोग करने की अनुमति दे दी।

AIMIM विधायक ने कहा, “मैंने कोई आपत्ति नहीं जताई थी। मैंने बस एक बात कही थी कि जब भी हम संविधान की प्रस्तावना को जिस भी भाषा में पढ़ते हैं, तो उसमें 'भारत' शब्द लिखा होता है। इस तथ्य के बाद मैंने महसूस किया कि चूंकि हम संविधान के नाम पर शपथ ले रहे हैं, इसलिए उचित होगा कि हम अपने देश के लिए भी उसी शब्द का इस्तेमाल करें।”

उन्होंने कहा कि उन्हें ‘हिंदुस्तान शब्द से कोई समस्या नहीं है’। उनके मुताबिक, “मैं इकबाल की प्रसिद्ध कविता" सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा गाते हुए बड़ा हुआ हूं।” उन्होंने कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान की ‘व्यक्तिगत पसंद’ की भी सराहना की जिन्होंने संस्कृत में शपथ लेना पसंद की।

हालांकि, सत्तारूढ़ एनडीए से पूर्व मंत्री और जदयू विधायक मदन साहनी ने कहा कि ‘हिंदुस्तान आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, लेकिन कुछ लोग अलग दिखने के लिए अनावश्यक विवाद पैदा करते हैं।’ वही, बीजेपी विधायक नीरज सिंह बबलू ने टिप्पणी की कि ‘जिन लोगों को हिंदुस्तान बोलने में समस्या है, उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए।’