breaking news New

बिग ब्रेकिंग : न्यूजीलैंड में जलवायु आपातकाल, हफते में चार दिन सिर्फ आपातकालीन वाहन चलेंगे, ग्लोबल वार्मिंग को रोकने उठाया कदम

बिग ब्रेकिंग : न्यूजीलैंड में जलवायु आपातकाल, हफते में चार दिन सिर्फ आपातकालीन वाहन चलेंगे,  ग्लोबल वार्मिंग को रोकने उठाया कदम

जनधारा रिसॅर्च टीम
न्यूजीलैंड. यहां की संसद ने आधिकारिक तौर पर देश में जलवायु आपातकाल घोषित कर दिया है। ऐसा करने वाला वह 33वां देश बन गया. देश की प्रधानमंत्री जैकिंडा अर्डर्न ने कहा कि यह कदम अगली पीढ़ी के लिए एडवांस चेक की तरह है ताकि वे भी प्रकृति का पूरा उपभोग कर सकें. इसके पहले ब्रिटेन, फ्रांस, अर्जेंटीना, कनाडा और आयरलैंड में आपातकाल लगाया जा चुका है.


एनजेड हेराल्ड की रिपोर्ट पर अमल करते हुए न्यूजीलैण्ड सरकार ने जलवायु परिवर्तन प्रतिक्रिया (शून्य-कार्बन) संशोधन अधिनियम पारित किया है जो न्यूजीलैंड को 2050 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए बाध्य करता है. इसे प्राप्त करने के लिए सरकार नए इलेक्ट्रिक वाहन अधिदेश ला सकती है जिसके चलते सप्ताह में चार दिन वाहन चलाने पर प्रतिबंध होगा यानि सिर्फ आपालतकालीन वाहन ही चल सकेंगे ताकि प्रदूषण कम फैले. इसके अलावा सरकारी कार्यों में इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग, पानी और इमारतों को गर्म रखने न्यूजीलैण्ड में एसी का मतलब गरम रखना होता है—के लिए कोयला से चलने वाले बायलर का उपयेाग किया जायेगा.

हालाँकि संसद में पारित हुए प्रस्ताव का विरोध भी किया गया. विपक्ष का कहना है कि जलवायु परिवर्तन हमारे समय की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौती है, लेकिन जलवायु परिवर्तन को आपातकालीन घोषित करना सही उपाय नही है. राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन के प्रवक्ता स्टुअर्ट स्मिथ ने कहा है कि विशेष शक्तियों का संदर्भ लिए बिना जलवायु परिवर्तन के लिए आपातकाल केवल सिग्नलिंग था. पीएम अर्डर्न ने कहा कि सरकार ने 2025 तक कार्बन-उत्सर्जन कम करने का फैसला किया है. सरकार कचरे को कम करने और खत्म करने, और दुनिया भर में वृक्षों की प्रजातियों में गिरावट की "खतरनाक प्रवृत्ति" को बढ़ावा नही देगी.

जलवायु आपातकाल घोषित करते समय सरकार स्वीकार करती है कि जलवायु परिवर्तन (या ग्लोबल वार्मिंग) मौजूद है और इस बिंदु तक किए गए उपाय इसके द्वारा लाए गए परिवर्तनों को सीमित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. यह निर्णय सरकार और प्रशासन द्वारा मानव-जनित ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और रोकने के उपायों को विकसित करने की आवश्यकता पर बल देता है. अब तक 33 देशों की 1,400 से अधिक स्थानीय सरकारों ने जलवायु आपातकालीन घोषणाएं की हैं.