breaking news New

हिंदी ग्रंथ अकादमी के कर्मचारियों को वेतन के लाले, झाड़ू—पोछा लगाएंगे आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला

हिंदी ग्रंथ अकादमी के कर्मचारियों को वेतन के लाले, झाड़ू—पोछा लगाएंगे आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला


रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य हिंदी ग्रंथ अकादमी के आठ कर्मचारियों को पिछले नौ माह से तनख़ाह नहीं मिल रही है. कार्यालय का टेलीफोन फरवरी माह से तथा बिजली जून माह से कटा हुआ है तथा कर्मचारी अमानवीय स्थिति में काम कर रहे हैं.

सनद रहे कि छत्तीसगढ़ राज्य हिंदी ग्रंथ अकादमी का पदेन अध्यक्ष उच्च शिक्षा मंत्री रहते हैं. आश्चर्य कि इसके बावजूद सरकार और प्रशासन आंखे मूंदे बैठा है. कर्मचारियों का परिवार कैसे चल रहा होगा, इसकी चिंता ही नही है. जबकि सभी कर्मचारी अपनी डयूटी ईमानदारी से कर रहे हैं. सरकार ने अकादमी के लिए करोड़ों का भवन तो बना दिया परंतु कर्मचारियों के वेतन की चिंता नही है.



आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला इस मुददे को कई मंचों से उठा चुके हैं तथा अधिकारियों के संज्ञान में भी ला चुके हैं परंतु कहीं कोई सुनवाई या कार्रवाई नही हो रही है. ऐसे में उन्हेांने तय किया ​है कि कल 20 सितम्बर को दोपहर 12:30 बजे हिंदी ग्रंथ अकादमी के कार्यालय में जोकि रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के आज़ाद होस्टल के पास है के सामने झाड़ू पोछा लगाकर गांधीगिरी करेंगे तथा प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करेंगे. जाहिर है इस दौरान उनके साथ विभाग के कर्मचारी भी होंगे. श्री शुक्ला ने चेताया कि इस प्रदर्शन के बाद मानवाधिकार आयोग को शिकायत की जाएगी.