breaking news New

Muktibodh Drama Festiwal द्रौपदी की पीड़ा के बहाने दिखा आज की औरत का दर्द, आज 'प्रेम—पालिटिक्स' मंचित होगा

Muktibodh Drama Festiwal द्रौपदी की पीड़ा के बहाने दिखा आज की औरत का दर्द, आज 'प्रेम—पालिटिक्स' मंचित होगा
देश के सुविख्यात कवि-लेखक गजानन माधव मुक्तिबोध की जयंती रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर मुक्तिबोध राष्ट्रीय नाट्य समारोह की शुरूआत हो गई. नाट्य समारोह में बड़ी संख्या में आये दर्शकों ने द्रौपदी  की पीड़ा के बहाने आज की औरत का दर्द को महसूस किया । नाट्य समारोह का शुभारंभ पूर्व मुख्य सचिव नाट्य प्रेमी दर्शक सुयोग कुमार मिश्र ,पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी , संचालक संस्कृति अनिल कुमार साहू और फिल्म कलाकार भगवान तिवारी , सुभाष मिश्र  ने मुक्तिबोध की तस्वीर के सामने दीप प्रजवल्लित कर किया ।असीमा भट्ट के एक पात्रीय नाटक आज  द्रौपदी को दर्शकों की भरपूर सराहना मिली ।

महाभारत का काल हो या वर्तमान, हर काल में स्त्री छली गई. उसकी अस्मिता, कौमार्य और उसकी इच्छाओं का कभी सम्मान नहीं हुआ. असीमा भट्ट का मारक नाटक द्रौपदी सदियों से जमा स्त्री मन की गांठों को खोलता है जिसमें एक स्त्री अपनी कथा को द्रौपदी को केंद्र में रखकर कहती है. यह द्रौपदी आपको कभी वर्तमान में ले आती है तो कभी महाभारत काल में. पिता, पति, प्रेमी सभी के हाथों और कभी अपने ही निर्णय चुप्पी का शिकार होती है स्त्री. स्त्री मन और जीव का आईना है द्रौपदी. महाभारत काल में तो द्रौपदी के सखा भगवान कृष्ण उसे बचाने आये थे किन्तु आज की स्त्री का सरेआम चीरहरण, बलात्कार होता है और कोई कृष्ण बचाने नहीं आता.  नाटक की समाप्ति के बाद मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी ने शाल श्रीफल और प्रतीक चिन्ह से संस्था की ओर से असीमा भट्ट को सम्मानित किया ।

आज नाटक 'प्रेम पॉलिटिक्स'
छत्तीसगढ़ फिल्म एण्ड विजुअल आर्ट सोसायटी की निदेशिका श्रीमती रचना मिश्र ने बताया कि 14 नवंबर 2019 को यानी आज शाम 7 बजे नाटक 'प्रेम पॉलिटिक्स' नाटक का मंचन होगा. रंगदूत सीधी मध्यप्रदेश की इस नाट्य प्रस्तुति के लेखक व निर्देशक प्रसन्न सोनी हैं. यह नाटक नदियों की प्रेम कथा है. यह नाटक प्रेम का नाटक नहीं बल्कि दिन ब दिन प्रेम में घुलते जा रही नफरत और हिंसा का नाटक है. यह नाटक सोम-नर्मदा का नाटक है.

समारोह के तीसरे दिन 15 नवंबर 2019 शाम 7 बजे नाटक तितली का मंचन किया जायेगा। इसके लेखक पंकज सोनी है और इसका निदेशन सचिन वर्मा ने किया है। नाट्य गंगा, छिंदवाड़ा की यह प्रस्तुति पूरे देश में सराही गई है. समारोह के चौथे और पांचवे दिन समागम रंगमंडल जबलपुर की दो नाटय प्रस्तुतियां होंगी. 16 नवंबर 2019 शाम 7 बजे नाटक गिरीश कर्नाड लिखित बहुचर्चित नाटक अग्नि और बरखा का मंचन किया जाएगा. इस नाटक का निर्देशन आशीष पाठक, जबलपुर ने किया है।.

समारोह के अंतिम दिन 17 नवंबर 2019 भी दोपहर में रंगमंच और सिनेमा पर संगोष्ठी होगी जिसमें जयंत देशमुख और आलोक चटर्जी बातचीत करेंगे। इसी दिन शाम 7 बजे नाटक अगरबत्ती का मंचन किया जाएगा। यह नाटक इस समय सर्वश्रेष्ठ नाटकों में से एक है। जिसका मंचन पूरे देश में अलग-अलग स्थानों में जारी है। इस नाटक के लेखक आशीष पाठक हैं और इसका निर्देशन स्वाति दुबे, जबलपुर ने किया है।


कार्यक्रम का संचालन मुक्तिबोध राष्ट्रीय नाट्य समारोह के आयोजक श्री सुभाष मिश्र ने किया.
सभी नाटक सायं 7 बजे संस्कृति भवन के मुक्ताकाशी मंच पर खेले जाते हैं. प्रवेश नि:शुल्क् है.