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धान खरीदी में एनआईसी के रोज नए नियम से किसानों को हो रही है परेशानी

धान खरीदी में एनआईसी के रोज नए नियम से किसानों को हो रही है परेशानी

आज की जनधारा 

रायपुर, 9 दिसंबर। सहकारी सेवा समिति सकरी के अध्यक्ष मोहन लाल साहू ने बताया कि इस बार धान खरीदी में क्या हो रहा कुछ समझ नहीं आ रहा है पहले तो समिति के कंप्यूटर आपरेटर को धान खरीदी के पूर्व किसी  भी प्रकार का ट्रेनिंग या सोफ्टवेयर के बारे में जानकारी नहीं दिया गया अब 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरु हुआ तो बताया गया की बारदाना 50:50 के अनुपात में खरीदी करना है, 3 दिसंबर को सॉफ्टवेयर एनआईसी द्वारा बिना जानकारी के दोपहर को बारदाना का अनुपात अचानक 60:40 कर दिया गया। इसके बाद  कुछ उपाय करके खरीदी किया गया. उन्होंने कहा कि पूर्व में किसानों को बताया गया था कि एक किसान से 5 बार धान टोकन जारी करके 5 बार खरीदी करना है. लेकिन 5 दिसंबर को फिर बिना जानकारी के सॉफ्टवेयर में एनआईसी के द्वारा परिवर्तन कर दिया गया कि अब एक किसान से केवल 3 बार ही टोकन जारी करके धान जायेगा। लेकिन जो किसान 5 बार का टोकन ले चुका है उसका क्या होगा? इससे  टोकन में संशोधन का आप्सन भी नहीं है इस कारण उसे निरस्त करना पड़ेगा। जिससे किसनों के सामने परेशानी का सामना करना पड़ेगा. इसी तरह  6 दिसंबर को फिर दोपहर को एनआईसी द्वारा सोफ्टवेयर परिवर्तन कर दिया गया कि समिति की प्रतिदिन की लिमिट से लॉक कर दिया गया, अब उन किसानों का क्या होगा जिनका धान तौल हो चुका और जिसका समिति द्वारा टोकन जारी किया जा चुका हैं। गौरतलब हैं कि किसान केवल 3 बार ही टोकन कटा सकता है और एक निरस्त होने पर एक चांस भी समाप्त हो जायेगा। इस प्रकार समिति कर्मचारी को किसानों से विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। 

मोहन साहू का कहना है कि कई बड़े किसान तो धान बेच ही नहीं सकते, क्योंकि मंडी में धान लेने की लिमिट एक दिन में 18 सौ कट्टा कर  दिया गया है.और एक किसान 3 बार बस ही टोकन कटा सकता है इस हिसाब से जिसके पास 100 एकड़ जमीन है उसके लिए तो धान बेचना मुश्किल लग रहा है। किसान बहुत ही आक्रोश में है अब सभी किसानों को एकजुट होकर ही कुछ करना होगा तभी जा कर कुछ समाधान निकलेगा। अध्यक्ष मोहन लाल साहू ने कहा बिना बताया अपने ढंग से सोसाइटी में बिना सूचना के रोज नया-नया नियम बनाया जा रहा है जो कि न्यायोचित नहीं है।